img-fluid

अनुपम खेर ने सुनाया करियर का सबसे बड़ा अफसोस बोले अमरीश पुरी से टैलेंट की वजह से होती थी जलन

July 22, 2026

नई दिल्ली । बॉलीवुड (Bollywood)के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर(actor Anupam Kher) ने अपने लंबे फिल्मी करियर(long film career) में सैकड़ों यादगार भूमिकाएं निभाई हैं लेकिन एक ऐसा किरदार भी था जो उनके हाथ में आने के बाद उनसे छिन गया। यह किरदार था फिल्म मिस्टर इंडिया के मशहूर खलनायक मोगैंबो(villain Mogambo) का जिसे बाद में अमरीश पुरी ने निभाकर भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार विलेन में शामिल कर दिया।

अनुपम खेर ने एक पॉडकास्ट में इस घटना को याद करते हुए बताया कि शुरुआत में मोगैंबो की भूमिका के लिए उनका चयन किया गया था। फिल्म के निर्देशक शेखर कपूर इस किरदार पर काम कर रहे थे और शुरुआती तैयारी भी हो चुकी थी। लेकिन कुछ समय बाद निर्माता बोनी कपूर और अभिनेता अनिल कपूर को लगा कि जिस तरह के दमदार और प्रभावशाली खलनायक की कल्पना की गई थी उसमें अनुपम खेर पूरी तरह फिट नहीं बैठ रहे हैं।

इसके बाद फिल्म निर्माताओं ने अमरीश पुरी को इस भूमिका के लिए चुना। जब अनुपम खेर को यह पता चला तो उन्हें बेहद दुख हुआ। उन्होंने स्वीकार किया कि इस घटना के बाद उनके मन में अमरीश पुरी के प्रति जलन पैदा हो गई थी। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि यह जलन किसी व्यक्तिगत दुश्मनी की नहीं बल्कि अभिनय प्रतिभा की वजह से थी।

अनुपम खेर के अनुसार उन्हें यह महसूस होता था कि अमरीश पुरी उसी किरदार को उनसे कहीं बेहतर तरीके से निभा रहे थे। यही बात उन्हें सबसे अधिक परेशान करती थी। उन्होंने कहा कि कलाकारों के बीच ऐसी सकारात्मक प्रतिस्पर्धा स्वाभाविक होती है और कई बार यही भावना व्यक्ति को बेहतर काम करने की प्रेरणा भी देती है।


  • बाद में अनुपम खेर ने निर्देशक शेखर कपूर के फैसले को पूरी तरह सही माना। उनका कहना था कि वह मोगैंबो के किरदार को एक चतुर धूर्त और राजनीतिक दांवपेंच समझने वाले खलनायक के रूप में निभाना चाहते थे जबकि निर्देशक की कल्पना इससे बिल्कुल अलग थी। शेखर कपूर एक ऐसे भव्य कॉमिक बुक शैली के विलेन की तलाश में थे जिसकी स्क्रीन मौजूदगी बेहद प्रभावशाली हो और जिसे बच्चे भी याद रखें।

    अमरीश पुरी ने मोगैंबो के रूप में जिस अंदाज से अभिनय किया वह भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर हो गया। उनका संवाद मोगैंबो खुश हुआ आज भी लोगों की जुबान पर है और यह किरदार हिंदी फिल्मों के सबसे प्रतिष्ठित खलनायकों में गिना जाता है।

    अनुपम खेर का यह अनुभव इस बात का उदाहरण है कि फिल्मी दुनिया में कई बार बड़े अवसर आखिरी समय पर हाथ से निकल जाते हैं लेकिन एक सच्चा कलाकार अपनी भावनाओं को स्वीकार करते हुए उनसे सीख भी लेता है। यही कारण है कि अनुपम खेर आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में गिने जाते हैं।

    Share:

  • छात्र राजनीति, शिक्षा और बदलाव की कहानी कहती हैं बॉलीवुड की ये 7 दमदार फिल्में, आज भी युवाओं के बीच हैं बेहद प्रासंगिक

    Wed Jul 22 , 2026
    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा (Cinema) ने समय-समय पर समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को बड़े पर्दे पर उतारा है। छात्र आंदोलन (StudentMovement), शिक्षा व्यवस्था (Education), युवा नेतृत्व और सामाजिक बदलाव (Change) भी ऐसे ही विषय रहे हैं, जिन्हें कई निर्देशकों ने अपनी फिल्मों के माध्यम से प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। इन फिल्मों ने […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved