
इंदौर। कल दोपहर आई आंधी-तूफान ने ही शहर का हुलिया बिगाड़ दिया और बड़ी संख्या में पेड़ों के धराशायी होने के साथ टीन-टप्पर, होर्डिंग, पोस्टर, बैनर भी उड़ गए। निगम का दावा है कि 40 से अधिक स्थानों पर मिली शिकायतों के आधार पर आधुनिक उपकरणों और संशाधनों की सहायता से हटवाया गया और आवागमन भी शुरू किया। दूसरी तरफ आयुक्त क्षितिज सिंघल ने अब वर्षा, आंधी-तूफान की चुनौतियों से निपटने के लिए झोनवार दल भी गठित कर दिए हैं।
कल एकाएक तीन बजे के बाद जो अंधड़ इंदौर में आया और कुछ देर बारिश भी हुई, उसी ने उथल-पुथल मचा दी। इसी कड़ी में निगमायुक्त ने आदेश जारी करते हुए सभी जोनों में वर्षाकाल की व्यवस्थाओं, प्रभावी क्रियान्वयन के लिए झोनवार दल गठित कर दिए। इस जारी आदेशानुसार प्रत्येक जोन में संबंधित जोनल अधिकारी को दल प्रमुख, क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारी को उपदल प्रमुख तथा सहायक यंत्री एवं उपयंत्री को दल के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।
गठित दलों को अपने-अपने क्षेत्रों में वर्षाकाल पूर्व सभी आवश्यक कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने तथा उनकी सतत निगरानी करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले शहर के सभी बड़े नालों, नालियों एवं चेम्बरों की व्यापक सफाई एवं उनमें जमी गाद को हटाने का कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्य मार्गों पर स्थित ऐसे सभी चेम्बरों की विशेष सफाई सुनिश्चित की जाएगी, जिनके माध्यम से वर्षा जल की निकासी होती है।
शहर की पुलियाओं, जल निकासी पाइप लाइनों तथा ड्रेनेज नेटवर्क का भी परीक्षण एवं सफाई कार्य कराया जाएगा, जिससे वर्षा के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। आयुक्त सिंघल ने निर्देशित किया है कि शहर के ऐसे सभी संवेदनशील एवं निम्न क्षेत्र, जहां अतिवृष्टि अथवा बाढ़ की स्थिति निर्मित होने की संभावना रहती है, उनका चिन्हांकन किया जाए तथा वहां पानी की त्वरित निकासी हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व से ही सुनिश्चित की जाएं, साथ ही ऐसे क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों को आवश्यकता पडऩे पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने एवं उनके अस्थायी ठहराव हेतु उपयुक्त स्थलों का भी चयन एवं चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए। वर्षाकाल में सडक़ें क्षतिग्रस्त होने अथवा अन्य आकस्मिक परिस्थितियां उत्पन्न होने की संभावनाओं को देखते हुए सडक़ संधारण एवं मरम्मत कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में संभावित जोखिम वाले स्थानों का निरीक्षण कर समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई करें।
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