
जबलपुर। कैंट बोर्ड द्वारा 3 जून को ब्रह्माकुमारी आश्रम रोड, केंट वार्ड नं 8 पर स्थित विकास पिल्ले, मुन्ना सेन, दुम्मीलाल, प्रकाश, संजय सेन, साईं चाट सेंटर के चाय-पान के ठेले-टपरों को बिना किसी पूर्व सूचना, बिना नोटिस एवं बिना तहसीलदार-पुलिस प्रशासन की उपस्थिति के सुबह 5:30 बजे नियम विरुद्ध तरीके से तोड़ दिया गया। इस कार्रवाई से कैंट क्षेत्र के गरीब दुकानदारों के परिवार भुखमरी की कगार पर आ गए हैं।
केंट वासियों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि एक शासकीय पद पर बैठे अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाकर गरीबों के रोजगार को उजाडऩा हिटलरशाही रवैया है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार बिना नोटिस व पुनर्वास के अतिक्रमण नहीं हटाया जा सकता। सुबह 5:30 बजे कार्रवाई करना मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्रीय विधायक और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी इस तानाशाही को समर्थन दर्शाती है। कैंट बोर्ड द्वारा विगत कई दिनों से लगातार नियम विरुद्ध कार्य किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई की शिकायत गोरखपुर थाने में कर दी गई है।
जय महाकाल संघ अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कन्हैया रामकृष्ण तिवारी और पंकज गुप्ता ने उग्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए मांग की है कि दोषी कैंट बोर्ड अधिकारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर निलंबित किया जाए। वहीं जिन गरीबों के ठेले-टपरे तोड़े गए उन्हें उचित मुआवजा व वैकल्पिक स्थान दिया जाए।
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