
डेस्क: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि कुछ लोग ब्रिटेन की लोकतांत्रिक व्यवस्था में दखल देने और समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. उनका यह बयान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की उस टिप्पणी के बाद आया, जिसमें उन्होंने ब्रिटिश किशोर हेनरी नोवाक की हत्या को बड़े पैमाने पर हुए माइग्रेशन से जोड़ा था.
जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अगर पिछले कुछ दशकों में यूरोपीय नेताओं ने बड़े पैमाने पर प्रवास के खिलाफ सख्त रुख अपनाया होता, तो हेनरी नोवाक आज जिंदा होते. उन्होंने कहा कि कई प्रवासी पश्चिमी देशों और उनकी संस्कृति को पसंद नहीं करते और यही समस्या का कारण बनी. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट ने जेडी वेंस का नाम लिए बिना कहा कि हाल के दिनों में कुछ लोग ब्रिटेन के लोकतंत्र में दखल क्षेप कर रहे हैं और लोगों के बीच तनाव तथा विभाजन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.
सरकार ने कहा कि हेनरी नोवाक का परिवार अभी गहरे दुख में है. परिवार ने साफ कहा है कि उनके बेटे की मौत का इस्तेमाल नफरत, तनाव या समाज में और ज्यादा विभाजन फैलाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए. इसलिए सभी को उनकी इच्छा का सम्मान करना चाहिए.
हेनरी नोवाक की हत्या के बाद पूरे देश में गुस्सा देखने को मिला था. घटना के वीडियो में दिखाई दिया था कि चाकू लगने से घायल नोवाक जमीन पर पड़ा था और पुलिसकर्मियों ने उसे हथकड़ी लगा दी थी. बाद में जांच में विक्रम डिगवा नाम के एक ब्रिटिश मूल के सिख युवक को हत्या का दोषी पाया गया. अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और कम से कम 21 साल जेल में रहने का आदेश दिया.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी इस मामले पर बयान दिया. मंत्रालय ने इसे ब्रिटेन की सभ्यता में पतन का लक्षण बताया और कहा कि वैचारिक सोच और कथित दोहरे मापदंड वाली पुलिसिंग पश्चिमी देशों के लिए चिंता का विषय हैं. स्टार्मर ने इस टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि ब्रिटेन की पुलिस बिना किसी पक्षपात के काम करती है. हालांकि उन्होंने माना कि इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा की जा रही है और जरूरी सवाल पूछे जाने चाहिए.
लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के नेता एड डेवी ने अमेरिकी राजदूत को तलब करने की मांग की. उनका आरोप है कि ट्रंप प्रशासन सोशल मीडिया के जरिए ब्रिटेन की राजनीति में खुलकर दखल दे रहा है. वहीं एलन मस्क और यूके रिफॉर्म पार्टी के नेता निगेल फराज ने भी इस मामले को टू-टियर पुलिसिंग यानी अलग-अलग लोगों के साथ अलग व्यवहार का उदाहरण बताया.
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