
नई दिल्ली: अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम ने महज तीन दिन में खेले गए टेस्ट मैच को अपने नाम कर लिया. पहली पारी में कप्तान शुभमन गिल और केएल राहुल की शतकीय पारी के दम पर टीम ने 8 विकेट पर 564 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर डिक्लीयर किया. भारत की तरफ से डेब्यू कर रहे मानव सुथार की पहली पारी में ढाए कहर के आगे मेहमान टीम महज 152 रन ही बना पाई. भारत के खिलाफ फॉलोऑन खेलने पर मजबूर हुई टीम दूसरी पारी में सिर्फ 112 रन पर ही सिमट गई. अफगानिस्तान को पारी और 300 रन से हराकर कर भारत ने टेस्ट इतिहास की अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की. इस यादगार जीत के बाद भी टीम इंडिया को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा.
भारत ने सोमवार को मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में अफगानिस्तान को एक पारी और 300 रन से हरा दिया. भारत ने यह जीत तीन दिन के अंदर ही हासिल कर ली. यह टेस्ट क्रिकेट में भारत की सबसे बड़ी पारी से जीत है. 2018 में राजकोट में वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम ने पारी और 272 रन से जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. 2018 में अफगानिस्तान ने बेंगलुरु में भारत के खिलाफ अपना पहला टेस्ट खेला था. उस मैच में भी उसे पारी की करारी हार झेलनी पड़ी थी, जो दो दिन के अंदर ही खत्म हो गया था.
भारतीय टीम को टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत हासिल करने का फायदा नहीं मिलेगा. इस मैच में मिली जीत और हार का वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप टेबल पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. इसके पीछे की वजह क्या है ज्यादातर लोग इसे जानते हैं. जिनको नहीं पता हम बता दें कि भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला गया ये मैच WTC चक्र में आता ही नहीं है. टूर्नामेंट में रैंकिंग के आधार पर 9 टीमें हिस्सा लेती हैं. इस लिस्ट से अफगानिस्तान की टीम बाहर है.
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