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दिल दहला देने वाले मर्डर केस में बड़ा फैसला, आरोपी भाई-बहन को मौत की सजा

June 09, 2026

नई दिल्ली । हैदराबाद(Hyderabad) से सामने आए एक दिल दहला (shocking case)देने वाले मामले में अदालत (court)ने कड़ा फैसला सुनाते हुए एक भाई और बहन को मौत (daughter-in-law)की सजा सुनाई है। दोनों को अपने ही पिता की हत्या का दोषी पाया गया। इस मामले ने न केवल पूरे इलाके को झकझोर दिया था, बल्कि पारिवारिक रिश्तोंfamily relationships) पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। अदालत ने मामले में मृतक की बहू को भी दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृतक 70 वर्षीय रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से वर्ष 2000 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी और पेंशन प्राप्त कर रहे थे। जांच में सामने आया कि उनके बेटे, बेटी और बहू की नजर उनकी पेंशन और संपत्ति पर थी। इसी लालच में तीनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।

मामले के अनुसार, आरोपियों ने वृद्ध व्यक्ति के भोजन में जहर मिलाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद उन्होंने अपराध को छिपाने की कोशिश की। बताया गया कि शव को ठिकाने लगाने में असफल रहने पर उसके कई टुकड़े किए गए और उन्हें घर के भीतर अलग-अलग बाल्टियों में भरकर रखा गया। इस भयावह घटना का खुलासा तब हुआ जब घर से लगातार दुर्गंध आने लगी।

18 अगस्त 2019 को आसपास के लोगों को घर से आ रही बदबू पर संदेह हुआ। स्थानीय लोगों ने स्थिति की जानकारी लेने की कोशिश की और बाद में पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के भीतर मानव अवशेष मिलने से सनसनी फैल गई। जांच के दौरान पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया और तीनों आरोपियों को 21 अगस्त 2019 को गिरफ्तार कर लिया गया।

मल्काजगिरि स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय में चले मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह पेश किए। अदालत ने पाया कि आरोपियों ने पूर्व नियोजित तरीके से अपराध को अंजाम दिया था। मामले की गंभीरता, हत्या की क्रूरता और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मृतक के बेटे और बेटी को फांसी की सजा सुनाई, जबकि बहू को उम्रकैद की सजा दी गई।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि इसमें लालच के लिए अपने ही पिता की निर्मम हत्या की गई थी। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि इस प्रकार के जघन्य अपराध समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं तथा ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।


  • इस फैसले को न्याय व्यवस्था की सख्ती और अपराध के प्रति शून्य सहिष्णुता के रूप में देखा जा रहा है। वहीं यह घटना परिवार और रिश्तों में विश्वास को झकझोर देने वाली घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

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