
डेस्क: भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनी पेटीएम अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और नए वित्तीय उत्पादों पर बड़ा दांव लगाने जा रही है. कंपनी ने अगले नौ महीनों में करीब 4,000 नए कर्मचारियों की भर्ती करने का ऐलान किया है. हालांकि, इसके साथ ही प्रदर्शन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद करीब 400 कर्मचारियों की छंटनी भी की जाएगी. पेटीएम का कहना है कि वह अपने मर्चेंट नेटवर्क को मजबूत करने और एआई आधारित सर्विस का विस्तार करने पर फोकस कर रही है. यह कदम कंपनी की नई ग्रोथ रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
पेटीएम ने कहा है कि वह मार्च 2027 तक भर्ती अभियान जारी रखेगा. कंपनी के मुताबिक, पिछले दो महीनों में ही 800 से ज्यादा लोगों को नौकरी दी जा चुकी है और अब 4,000 अतिरिक्त कर्मचारियों को जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है. नई भर्तियां प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वरिष्ठ नेतृत्व से जुड़ी टीमों में की जाएंगी. कंपनी का उद्देश्य अपने मर्चेंट नेटवर्क को तेजी से बढ़ाना और एआई आधारित सर्विस को मजबूत बनाना है. मौजूदा समय में पेटीएम के पास लगभग 40,000 कर्मचारी हैं और नई भर्ती के बाद इसकी कुल कार्यबल में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है.
नई भर्तियों के साथ पेटीएम कुछ पदों में कटौती भी कर रहा है. कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार मौजूदा परफॉर्मेंस अप्रेजल सायकल पूरा होने के बाद लगभग 1 प्रतिशत कर्मचारियों यानी करीब 400 लोगों को हटाया जाएगा. इससे पहले भी कंपनी बड़े स्तर पर कर्मचारियों की संख्या कम कर चुकी है. भारतीय रिजर्व बैंक की कार्रवाई के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक के कारोबार पर असर पड़ा था, जिसके बाद समूह ने 4,500 से अधिक नौकरियां घटाई थीं. बैंकिंग यूनिट में बचे हुए कुछ सौ कर्मचारियों को भी बैंक के बंद होने की प्रक्रिया के तहत हटाया जाएगा, जबकि कुछ कर्मचारियों को समूह की अन्य यूनिट्स में भेजा जा सकता है.
पेटीएम पिछले चार लगातार तिमाहियों से मुनाफा दर्ज कर रहा है. कंपनी ने कानूनी चुनौतियों के बाद अपने कारोबार में कई बदलाव किए हैं. सीईओ विजय शेखर शर्मा अब कंपनी के करोड़ों रजिस्टर्ड यूजर्स को लोन, निवेश और अन्य वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. वर्ष 2010 में शुरू हुई पेटीएम ने शुरुआत मोबाइल रिचार्ज सर्विस से की थी, लेकिन बाद में डिजिटल भुगतान और बैंकिंग क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई. साल 2021 में शेयर बाजार में लिस्टेड हुई कंपनी के शेयर पिछले एक साल में करीब 7 प्रतिशत चढ़े हैं, हालांकि वे अब भी अपने आईपीओ मूल्य से 50 प्रतिशत से अधिक नीचे कारोबार कर रहे हैं.
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