
डेस्क: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद सड़कों पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. राज्य में अचानक से हेलमेट की बिक्री में बड़ा उछाल आया है. हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की सरकार गिर गई और यहां भाजपा ने पहली बार सरकार बनाई और शुभेंदु अधिकारी राज्य के नए मुख्यमंत्री बने. ET की रिपोर्ट के मुताबिक, नई सरकार के बनते ही पुलिस ने हेलमेट न पहनकर दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. इसका असर यह हुआ कि पूरे राज्य में हेलमेट की बिक्री अचानक तेजी से बढ़ गई.
रिपोर्ट के मुताबिक, कई सालों से राज्य के लोगों का आरोप था कि हेलमेट नियमों को लेकर कार्रवाई सभी पर समान रूप से नहीं होती थी. कुछ लोग आसानी से बच जाते थे, जबकि अन्य लोगों के खिलाफ चालान काटे जाते थे. लेकिन 4 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद पुलिस ने सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के लोगों पर एक समान कार्रवाई शुरू कर दी है.
इस सख्ती का असर हेलमेट बाजार में साफ दिखाई दिया है. देश की प्रमुख हेलमेट निर्माता कंपनी स्टड्स एक्सेसरीज के अनुसार, मई महीने में पश्चिम बंगाल में उसकी बिक्री में लगभग 70 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई. सबसे खास बात यह रही कि बच्चों के हेलमेट की बिक्री दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गई. इसके अलावा वेगा हेलमेट्स के डिस्ट्रीब्यूटरों ने भी मई से बिक्री में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बात स्वीकार की है. कोलकाता के कई हेलमेट दुकानदारों का कहना है कि पहले जहां बिक्री की वृद्धि दर 8 से 9 प्रतिशत रहती थी, वहीं मई में यह बढ़कर 40 से 60 प्रतिशत तक पहुंच गई.
पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो केवल कोलकाता में मई महीने में नो हेलमेट के लिए 35,600 से ज्यादा चालान काटे गए हैं. अगर पूरे राज्य को शामिल किया जाए तो यह संख्या कई गुना हो सकती है. बड़ी बात ये है कि हेलमेट की बढ़ती मांग का बड़ा हिस्सा छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से आ रहा है. पहले इन क्षेत्रों में लोग हेलमेट कम पहनते थे, लेकिन अब पुलिस की लगातार कार्रवाई के कारण लोग सुरक्षा नियमों का पालन करने लगे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, मुर्शिदाबाद, मालदा, मिदनापुर, कृष्णानगर, आसनसोल, बर्दवान, बांकुड़ा, सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी जैसे शहरों में भी हेलमेट की मांग तेजी से बढ़ी है.
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने राज्य में रोड सेफ्टी पर खास ध्यान दिया है. सरकार का मानना है कि सड़क सुरक्षा लोगों की जान बचाने के लिए बेहद जरूरी है. सरकार के मंत्री अशोक कीर्तनिया ने कहा कि हेलमेट नियम तोड़ने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
इधर, पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि सख्त कार्रवाई के बाद नियम उल्लंघन के मामलों में पहले ही बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है और इसका मुख्य मकसद सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना है.
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