
नई दिल्ली. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर एक बार फिर अमेरिका (US) और ईरान (Iran) के बीच तनाव बढ़ गया है. अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास (Bandar Abbas), जास्क (Jask) और केशम द्वीप (Qeshm Island) पर हमला किया है. इन हमलों के बाद CENTCOM की ओर से कहा गया कि ‘हमारा मिशन पूरा हुआ. ये हमले सेल्फ डिफेंस में किए गए, साथ ही एक दिन पहले अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में किए गए हैं.
अमेरिका ने किया था हेलिकॉप्टर गिराने का दावा
बता दें कि ये कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद की गई जिसमें उन्होंने दावा किया था कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराया है. इसके बाद अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की. दूसरी तरफ ईरान का दावा है कि अमेरिका के अपाचे हेलिकॉप्टर को उन्होंने नहीं गिराया. साथ ही दावा किया गया है कि अमेरिका ने इस घटना के बहाने से ईरान पर हमला किया है.
अमेरिकी सेना ने कहा- सेल्फ डिफेंस में किया हमला
उधर, अमेरिकी सेना की ओर से कहा गया है कि उसने ईरान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई पूरी कर ली है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि यह अभियान सेल्फ डिफेंस में की गई सैन्य कार्रवाई थी. जिसे 9 जून को राष्ट्रपति के आदेश अंजाम दिया गया था. एक दिन पहले अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया था.
ईरानी एअर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों को बनाया निशाना
CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने प्रिसिजन म्यूनिशन का इस्तेमाल करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़के निकट स्थित ईरानी एअर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और सर्विलांस रडार साइट्स को निशाना बनाया.
अमेरिका का कहना है कि यह हमला उसके सैनिकों और इलाके से गुजर रहे इंटरनेशनल कॉमर्शियल शिप्स पर हुए हालिया हमलों के जवाब में किया गया. CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी ईरानी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है.
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