
तिरुवनंतपुरम । मुख्यमंत्री वीडी सतीशन (Chief Minister VD Sateeshan)ने केरल में महिलाओं के लिए ‘प्रियदर्शिनी फ्री बस योजना’ (‘Priyadarshini Free Bus Scheme’ for Women in Kerala) का उद्घाटन किया (Inaugurated) । यह कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ घोषणापत्र का एक अहम वादा था।
थम्पानूर सेंट्रल बस टर्मिनल पर सोमवार को हुए लॉन्च इवेंट में भारी भीड़ जुटी, जिसमें सीनियर मंत्री, बड़े अधिकारी और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के लीडर शामिल हुए। पहली सर्विस थम्पानूर से स्टेट सेक्रेटेरिएट तक चली, जिसमें तीन किलोमीटर से भी कम की छोटी दूरी तय की गई; यह इस स्कीम की शुरुआत का एक सांकेतिक कदम था। इस समारोह में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर सी.पी. जॉन, पिछड़े वर्गों के मंत्री के.ए. तुलसी, चीफ सेक्रेटरी ए.जे. जयतिलक, और अन्य सीनियर अधिकारी मौजूद थे, और बाद में उन्होंने पहली यात्रा में हिस्सा भी लिया। यह स्कीम केएसआरटीसी की ‘ऑर्डिनरी’ कैटेगरी की बसों पर लागू होगी, जिसमें राज्य भर में चल रही कॉर्पोरेशन की 5,700 से ज्यादा गाड़ियों में से लगभग 3,125 बसें शामिल होंगी। सुबह 9 बजे से, योग्य सर्विस में महिला यात्रियों को कंडक्टर जीरो-फेयर टिकट (मुफ्त टिकट) देंगे। चीफ सेक्रेटरी जयतिलक ने इस पहल को आम पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार से कहीं बढ़कर बताया। उन्होंने कहा कि भले ही बसें ‘ऑर्डिनरी’ (साधारण) हों, लेकिन यात्रा का अनुभव ‘ऑर्डिनरी’ नहीं है। उन्होंने महिला यात्रियों से अपील की कि वे अपना जीरो टिकट लें और बेझिझक यात्रा करें।
इस उद्घाटन की एक खास बात केएसआरटीसी की अनुभवी ड्राइवर वी.पी. शीला थीं, जिन्होंने पहली बस चलाई और इस इवेंट को ऐतिहासिक बना दिया। शीला, जो 13 साल पहले कॉर्पोरेशन की पहली महिला ड्राइवर बनी थीं, उन्हें इस खास यात्रा के लिए पेरंबवूर से बुलाया गया था। इस सर्विस में एक महिला कंडक्टर भी मौजूद थीं। अपनी खुशी जाहिर करते हुए शीला ने कहा कि इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। बस में सवार महिला यात्रियों ने इस पहल का स्वागत किया। कई महिलाओं ने बताया कि इससे हर महीने 2,500 से 3,500 रुपए की बचत हो सकती है, जिससे घर की जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी। अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस स्कीम का फायदा ट्रांसजेंडर समुदाय को भी मिलेगा।
हालांकि, लॉन्च के दौरान राजनीतिक माहौल काफी गरमाया रहा; सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने इस इवेंट का बहिष्कार किया। विपक्षी नेताओं ने कहा कि यह स्कीम पहले किए गए वादों पर खरी नहीं उतरती है। उनका तर्क था कि मुफ़्त यात्रा की सुविधा सभी केएसआरटीसी सर्विस के बजाय सिर्फ ‘ऑर्डिनरी’ बसों तक ही सीमित रखी गई है। इवेंट में बोलते हुए मंत्री सी.पी. जॉन ने इस पहल को केरल के ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने 1938 में त्रावणकोर प्रशासन के तहत पब्लिक ट्रांसपोर्ट की शुरुआत से लेकर आज के केएसआरटीसी सिस्टम तक के विकासक्रम का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री सतीशन ने उद्घाटन वाली बस में सवार होने से पहले इस योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में एक निवेश बताया। उन्होंने कहा कि मुफ्त यात्रा से होने वाली बचत अर्थव्यवस्था में वापस आएगी और घर-परिवार और समुदाय के खर्चों में मदद करेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मज़बूत करने के साथ-साथ प्राइवेट बस ऑपरेटरों के हितों का भी ध्यान रखेगी। हाल ही में पदभार संभालने वाली ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी टी.वी. अनुपमा ने इस योजना को लागू करने वाले पहले आदेश पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री सतीशन ने महिला यात्रियों को मुफ्त यात्रा वाले पहले टिकट सौंपकर समारोह का समापन किया और फिर मंत्रियों के दल के साथ सचिवालय तक की छोटी यात्रा के लिए बस में सवार हुए।
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