
जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में पिछले दिनों एक कर्मचारी और सहायक कुलसचिव के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया था। कर्मचारी द्वारा अपनी पत्नी को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया था। अब इस पूरे घटनाक्रम के बीच सहायक कुलसचिव पवन साहू का तबादला कर दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार पवन साहू को तत्काल प्रभाव से क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय, गुना में सहायक कुलसचिव के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं उनके स्थान पर महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से हितेश कोडापे को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में सहायक कुलसचिव के पद पर पदस्थ किया गया है।
क्या था पूरा विवाद?
कुछ दिनों पहले रादुविवि के एक कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि सहायक कुलसचिव पवन साहू ने उसकी पत्नी के संबंध में बेहद अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कर्मचारी का आरोप था कि इस टिप्पणी से उसकी और उसके परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। मामले को लेकर कर्मचारी ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में मामला चर्चा का विषय बन गया था।
दोनों पक्ष पहुंचे थे थाने
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब सहायक कुलसचिव पवन साहू ने भी संबंधित कर्मचारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कर्मचारी पर मारपीट, अभद्र व्यवहार और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे आरोप लगाए थे। इस प्रकार मामला केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों पक्षों की शिकायतें पुलिस तक पहुंच गईं। पुलिस स्तर पर मामले की जांच भी शुरू की गई थी।
15 दिन में कार्यमुक्त करने के निर्देश
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि संबंधित विश्वविद्यालय 15 दिवस के भीतर अधिकारियों को अनिवार्य रूप से कार्यमुक्त करें। यदि निर्धारित समय सीमा में कार्यमुक्त नहीं किया जाता है तो आदेश जारी होने की तिथि से 15 कार्य दिवस पूरे होने के बाद संबंधित अधिकारी को स्वत: कार्यमुक्त माना जाएगा और उन्हें नवीन पदस्थापना स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
विवाद से तबादले तक
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