
टांडा (होशियारपुर) । मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Chief Minister Bhagwant Singh Mann) ने कहा कि ‘रंगला पंजाब’ सृजित करने के लिए (To creating ‘Rangla Punjab’) पंजाब सरकार प्रतिबद्ध है (Punjab Government is Committed) ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार युवाओं के लिए अवसर पैदा करने, शिक्षा और स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने और एक ऐसा ‘रंगला पंजाब’ सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां किसी भी युवा को बेहतर भविष्य की तलाश में विदेशों की ओर जाने के लिए मजबूर न होना पड़े। न्याय के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों को विश्वास दिलाया कि अतीत की बेअदबी की घटनाओं की गहन जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रांत सरकार द्वारा बनाया गया सख्त कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत ढाल के रूप में काम करेगा।
पंजाब के भविष्य को अब पिछली सरकारों की गलतियों और बुरे कार्यों का शिकार न बनने देने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि प्रांत ने पिछले दशकों के दौरान बहुत दुख झेला है, लेकिन अब यह विकास, अवसरों और समृद्धि के नए युग की ओर निरंतर बढ़ रहा है। टांडा हल्के के गांव भट्टलां में ‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उपजाऊ जमीन, प्रचुर जल संसाधनों, अनुकूल मौसम और मेहनती लोगों की बख्शीश होने के बावजूद पंजाब को उन पिछली सरकारों के कारण अपनी पूरी क्षमता के अनुसार बढ़ने-फलने का अवसर नहीं मिला, जो प्रांत के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने में विफल रहीं।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बरगाड़ी में हुई बेअदबी की घटनाओं और बहिबल कलां तथा कोटकपूरा में हुई गोली कांड ने हर पंजाबी, विशेषकर सिख संगत की आत्मा को झकझोर कर रख दिया था। ये घाव आज भी लोगों के मन में ताजा हैं। मैं हर पंजाबी को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि न्याय जरूर होगा और इन घिनौने अपराधों के जिम्मेदार लोगों को क्षमा नहीं किया जाएगा।” मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। इन अपराधों के दोषियों को कानून की कटघरे में खड़ा किया जाएगा और सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। हमने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ लागू किया है, जो बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान करता है। यह कानून यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी इस अक्षम्य अपराध को करने की हिम्मत न करे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता तुल्य हैं। इसकी पवित्रता और सम्मान बनाए रखना हम सबका साझा कर्तव्य है। यदि कोई सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शान की रक्षा नहीं कर सकती तो वह समाज के प्रति अपनी सबसे बुनियादी जिम्मेदारी में विफल साबित होती है।” अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जिन्होंने गुरबानी के नाम पर वोट मांगे, वे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा करने में विफल रहे। उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का उपयोग किया और पंजाब के लोग उनके शासन के दौरान घटित घटनाओं का दर्द नहीं भूले हैं।” उन्होंने इशारा करते हुए कहा, “कुछ नेता अपने कार्यकाल के दौरान हुए विकास की बातें करते हैं, लेकिन वे बरगाड़ी, बहिबल कलां और कोटकपूरा को आसानी से भूल जाते हैं। पंजाब उन दर्दनाक पलों को कभी नहीं भूल सकता। लोगों और पंजाब के सामाजिक ताने-बाने के खिलाफ किए गए पापों को कभी नहीं मिटाया जा सकता।”
पंजाब के सफर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब ने बहुत दुख झेला है। यह 1947 में विभाजन के दौरान उजड़ा, 1984 में फिर से दुख झेले और फिर पिछली सरकारों के शासन में वर्षों की लूट-खसूट और शोषण का शिकार हुआ। अब हम पंजाब की प्रगति को और रुकने नहीं दे सकते।” उन्होंने आगे कहा, “परमात्मा ने पंजाब को उपजाऊ भूमि, भरपूर पानी, अनुकूल जलवायु और मेहनती लोगों का आशीर्वाद दिया है। पंजाब में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। पंजाब के पास वर्षों से जिस चीज़ की कमी थी, वह ऐसी नेतृत्व क्षमता थी जो निजी और राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर राज्य के हितों को सर्वोपरि रखे।” युवाओं से भावुक अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “किसी भी युवा को केवल कनाडा, अमेरिका या अन्य विदेशों के सपने देखने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। हम यहाँ पंजाब में ही अवसर पैदा कर रहे हैं। हम सभी मिलकर ऐसा रंगला पंजाब बनाएंगे जहाँ हमारे युवा अपने परिवारों और जड़ों के करीब रहकर अपनी आकांक्षाओं को पूरा कर सकें।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “वर्षों तक परिवारों को कठिन परिस्थितियों में धकेला गया। माता-पिता पीछे रह गए, जबकि उनके बच्चे अवसरों की तलाश में मजबूर होकर विदेश चले गए। हम शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार के अवसर पैदा करके और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करके उस वास्तविकता को बदल रहे हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पूरा पंजाब मेरा परिवार है। युवाओं के लिए नौकरियाँ, बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और हर घर के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करना मेरी जिम्मेदारी है। लोगों द्वारा दिखाया गया प्यार और विश्वास मुझे और अधिक समर्पण के साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है।”
महिला कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार ने निर्णय लिया है कि ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की महिला कर्मचारियों को उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में तैनात किया जाएगा। मैंने अधिकारियों को इस पहल को शीघ्र लागू करने के लिए रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। स्टाफ नर्सों, शिक्षकों और महिला पुलिस कर्मचारियों सहित हजारों महिला कर्मचारियों को इस निर्णय का लाभ मिलेगा। हम प्रशासन को महिलाओं की आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” एक अन्य पहल पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब ने हाई-टेंशन बिजली की तारों को भूमिगत करने के लिए देश की पहली परियोजना शुरू की है। यह परियोजना गाँवों को ऊपर से गुजरने वाली तारों और खंभों से मुक्त करेगी। ऊपरी तारें लोगों, पशुओं और कृषि मशीनरी के लिए खतरा बनी रहती हैं। फसलों में आग लगने, तूफानों और दुर्घटनाओं के कारण अक्सर बिजली के ढाँचे को नुकसान पहुँचता है। यह परियोजना लोगों को दीर्घकालिक राहत देगी और गाँवों में सुरक्षा को बेहतर बनाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, जिसे कभी असंभव माना जाता था। इससे किसानों को हजारों रुपये बचाने में मदद मिली है, जो पहले जनरेटरों के लिए डीजल पर खर्च होते थे।” उन्होंने आगे कहा, “आप सरकार ने राज्य में सिंचाई को मजबूत करने के लिए 14,000 किलोमीटर से अधिक पाइपलाइनें और नहरें बिछाई हैं तथा 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा है। भूजल स्तर को सुधारने और टिकाऊ जल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए रिचार्ज पॉइंट भी बनाए गए हैं।” कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मावां-धियां सम्मान योजना के तहत सभी वर्गों की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे, जबकि अनुसूचित जाति भाईचारे की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह सहायता हमारी माताओं और बेटियों के सम्मान का प्रतीक है।”
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