
तिरुवनंतपुरम । मुख्यमंत्री वीडी सतीशन (Chief Minister VD Sateeshan) ने कहा कि केरल में बाढ़ प्रबंधन में (In flood management in Kerala) कोई चूक नहीं हुई (There was no Lapse) ।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि केरल में बाढ़ प्रबंधन में कोई चूक नहीं हुई । उन्होंने विपक्ष पर आपदा के समय गलत नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया । वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि केरल में बाढ़ की स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है। सिर्फ पथानामथिट्टा ही एकमात्र ऐसा जिला है जहां बाढ़ का पानी अभी धीरे-धीरे कम हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में 316 राहत शिविर खोले गए हैं, जिनमें 11,018 लोगों को आश्रय दिया गया है। मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जबकि सात लोग अभी भी लापता हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोल्लम से पथानामथिट्टा के लिए 14 बचाव नौकाएं भेजी गई हैं, सुलूर से दो हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर रखे गए हैं, एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें बुलाई गई हैं और कन्नूर व वायनाड में तैनात सेना की टुकड़ियां जरूरत पड़ने पर तैनाती के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को भारी बारिश की आशंका थी और उसने 30 जुलाई व 1 अगस्त को जिला कलेक्टरों की बैठकें बुलाई थीं। उन्हें निर्देश दिया गया था कि बारिश तेज होने से पहले राहत शिविर और आपातकालीन व्यवस्थाएं पूरी तरह से तैयार कर ली जाएं।
उन्होंने बताया कि 3,000 से अधिक किसानों की लगभग 165 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है और कैबिनेट जल्द ही मुआवजे पर फैसला ले सकती है। अपने घरों से निकलने को मजबूर परिवारों को तत्काल राहत के तौर पर 10,000 रुपए मिलेंगे, जबकि अंतिम संस्कार के खर्च के लिए भी 10,000 रुपए मंजूर किए गए हैं। जान गंवाने वालों के परिवारों को 8 लाख रुपए मिलेंगे, जिसमें एसडीआरएफ से 4 लाख रुपए, सीएमडीआरएफ से 2 लाख रुपए और पीएमआरएफ से 2 लाख रुपए शामिल हैं। गलत सूचनाओं के खिलाफ चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल के बांधों के ओवरफ्लो होने की अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा, “आपदा के समय गलत सूचनाओं के जरिए घबराहट फैलाना गैर-जिम्मेदाराना है। सरकार गलत बातें फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि तटीय कटाव वाले इलाकों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। बहुत अधिक बारिश का जिक्र करते हुए सीएम सतीशन ने कहा कि वडासेरिकारा समेत कुछ जगहों पर 350 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कई अन्य इलाकों में 300 मिमी से अधिक बारिश हुई। चूंकि 200 मिमी से अधिक बारिश को ‘बहुत ज्यादा बारिश’ की श्रेणी में रखा जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना की तीव्रता ने मौसम वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया। उन्होंने कहा, “मैंने मौसम विभाग के विशेषज्ञों से पूछा कि बादल फटने जैसी बारिश का पहले से पता क्यों नहीं चल पाया। उन्होंने मुझे बताया कि यह बढ़ते तापमान के कारण मौसम की एक नई घटना थी और इसका पूर्वानुमान लगाना मुश्किल था।”
इसी बीच, मुख्यमंत्री ने लंच को लेकर हुए विवाद की कड़ी आलोचना की। उन्होंने पूछा, “मैं कांग्रेस के एक दिवंगत नेता के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने गया था। मुझसे पास के एक घर में लंच करने का अनुरोध किया गया था। अगर दोपहर 3 बजे लंच करना विवाद का विषय बन गया है, तो मैं माफी मांगता हूं। कृपया समझें कि मैं किसी पार्टी या जश्न में शामिल नहीं हुआ था। मैं जानना चाहता हूं कि क्या 2018 और 2019 की बाढ़ के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री उपवास पर थे?” मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका कार्यालय मीडिया के साथ लगातार संपर्क में था और हर तीन घंटे में अपडेट जारी कर रहा था, जबकि राजस्व मंत्री ने दिन भर में कई प्रेस ब्रीफिंग कीं।
अपने बीमार ससुर से मिलने के लिए हेलीकॉप्टर यात्रा को लेकर हुए विवाद पर उन्होंने पिछली एलडीएफ सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मैंने पिनाराई विजयन की तरह राजनीतिक बैठकों में शामिल होने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं किया। हेलीकॉप्टर पहले से ही एक अनुबंध के तहत है जिसके लिए सरकार को 25 उड़ान घंटों के लिए 80 लाख रुपए का मासिक रिटेनर देना होता है। मेरी यात्रा से सरकारी खजाने पर एक रुपए का भी खर्च नहीं आया। जब से इस सरकार ने कार्यभार संभाला है, हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल बहुत कम किया गया है।”
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