
नई दिल्ली। 18 जून को 10 राज्यों की 24 सीटों पर संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Elections) के बाद उच्च सदन यानी राज्यसभा के सियासी समीकरण पूरी तरह से स्पष्ट हो गए हैं। इन चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party-BJP) ने सदन में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस (Congress- INC) का आंकड़ा और सिकुड़ गया है। हालांकि इन चुनावों के बाद कांग्रेस को 3 सीटों की मामूली बढ़त जरूर मिली है।
कांग्रेस की पहले 27 सीटें थीं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्यसभा में अब कांग्रेस के पास 30 सीटें हो गई हैं, जबकि भाजपा 116 सीटों के साथ सदन की सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। दोनों राष्ट्रीय दलों के बीच अब 86 सीटों का विशाल अंतर हो गया है। ताजा चुनावों में क्रॉस-वोटिंग और निर्विरोध निर्वाचन के चलते भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है, जबकि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) को नुकसान उठाना पड़ा है।
18 जून के चुनाव की मुख्य बातें
उच्च सदन के लिए हुए हालिया चुनावों में 26 में से 19 सीटों पर एनडीए ने जीत का परचम लहराया है। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन को महज 6 सीटों से संतोष करना पड़ा है, जबकि मिजोरम में जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) के खाते में एक सीट गई है।
झारखंड में क्रॉस-वोटिंग का झटका
18 जून को झारखंड की दो सीटों पर हुए मतदान में कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ। सत्तारूढ़ ‘इंडिया’ ब्लॉक के पास पर्याप्त बहुमत होने के बावजूद, क्रॉस-वोटिंग के कारण भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा को हरा दिया। दूसरी सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बैद्यनाथ राम ने जीत हासिल की।
बहुमत के पार NDA, विपक्ष की राह मुश्किल
जनवरी 2026 में जे.पी. नड्डा के बाद नितिन नवीन ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला था। उनके नेतृत्व में पार्टी और गठबंधन उच्च सदन में बेहद मजबूत स्थिति में हैं। विपक्षी पार्टियों के आंतरिक कलह का सीधा फायदा एनडीए को मिलता दिख रहा है। कुछ हफ्ते पहले आम आदमी पार्टी (AAP) में हुई बगावत के बाद राघव चड्ढा 7 राज्यसभा सांसदों को एनडीए के पाले में ले आए, जिससे सत्ताधारी गठबंधन को बड़ी मजबूती मिली।
दूसरी तरफ, मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई वाली कांग्रेस मात्र 30 सीटों पर ठहर गई है और पूरे ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के पास अब कुल 63 सीटें हैं। राज्यसभा में संख्या बल की यह भारी कमी विपक्ष के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, जिससे अब सरकार के किसी भी महत्वपूर्ण बिल या विधायी कामकाज को रोकना विपक्ष के लिए गणितीय रूप से नामुमकिन हो गया है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved