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जर्मनी में रेल नेटवर्क ठप, संचार प्रणाली में खराबी से हजारों यात्री प्रभावित

June 24, 2026

बर्लिन। जर्मनी (Germany) में मंगलवार देर रात रेलवे संचार प्रणाली (Communication Systems) में आई तकनीकी खराबी ने देशभर की रेल सेवाओं को प्रभावित (Rail services affected) कर दिया। अचानक ट्रेनों के रुक जाने से हजारों यात्री विभिन्न स्टेशनों पर फंस गए और उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई स्टेशनों पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं, जहां लोग अपनी आगे की यात्रा और वैकल्पिक व्यवस्थाओं की जानकारी लेने पहुंचे थे।

जर्मनी की राष्ट्रीय रेल कंपनी Deutsche Bahn ने बताया कि रेलवे संचार के लिए उपयोग की जाने वाली जीएसएम-आर (GSM-R) प्रणाली में देशव्यापी तकनीकी समस्या आने के कारण एहतियातन ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। यह प्रणाली ट्रेन चालकों, नियंत्रण केंद्रों और रेलवे नेटवर्क के विभिन्न हिस्सों के बीच संचार सुनिश्चित करती है।

कंपनी के अनुसार, तकनीकी खराबी का स्रोत पहचान लिया गया है और विशेषज्ञों की टीम इसे ठीक करने में जुटी रही। हालांकि शुरुआती बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि समस्या आखिर किस कारण से उत्पन्न हुई। डॉयचे बान ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए प्रभावित लोगों के लिए टैक्सी और होटल वाउचर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की घोषणा की।


  • रेलवे प्रशासन ने यह भी कहा कि जहां संभव होगा, वहां स्टेशनों पर खड़ी ट्रेनों को यात्रियों के लिए अस्थायी विश्राम स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि उन्हें रात के दौरान परेशानी न उठानी पड़े।

    तकनीकी गड़बड़ी की सूचना मिलने के लगभग दो घंटे बाद रेलवे नेटवर्क के कुछ हिस्सों में सेवाएं धीरे-धीरे बहाल होने लगीं। Berlin के कम्यूटर रेल नेटवर्क ने बताया कि ट्रेनों का संचालन फिर शुरू हो गया है, लेकिन यात्रियों को देरी और कुछ सेवाओं के रद्द होने की संभावना के लिए तैयार रहना चाहिए।

    पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी जर्मनी में क्षेत्रीय रेल सेवाएं संचालित करने वाली DB Regio Mitte ने भी पुष्टि की कि कई मार्गों पर सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। हालांकि बुधवार सुबह तक कई रूटों पर समय-सारिणी सामान्य होने में समय लग सकता है।

    जीएसएम-आर यानी ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस-रेलवे, रेलवे संचालन की एक महत्वपूर्ण तकनीक है। इसके माध्यम से ट्रेन चालकों और नियंत्रण केंद्रों के बीच वॉयस और डेटा संचार संभव होता है। European Union Agency for Railways के अनुसार, वर्ष 2000 से यह तकनीक यूरोप के अधिकांश रेलवे नेटवर्क में मानक संचार प्रणाली के रूप में उपयोग की जा रही है।

    हाल के वर्षों में जर्मनी की रेल सेवाएं समयपालन और संचालन संबंधी चुनौतियों को लेकर लगातार चर्चा में रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक बुनियादी ढांचे में पर्याप्त निवेश नहीं होने के कारण नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है। इसी वजह से डॉयचे बान प्रमुख रेल मार्गों पर बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण कार्य भी चला रही है, जिससे कई बार सेवाएं प्रभावित होती रही हैं।

    हालांकि जर्मनी में पहले भी खराब मौसम और तूफानों के कारण रेल यातायात प्रभावित हुआ है, लेकिन इस बार देशव्यापी स्तर पर संचार प्रणाली में आई तकनीकी खराबी ने रेलवे संचालन की विश्वसनीयता और नेटवर्क सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति को पूरी तरह सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।

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