
नई दिल्ली ।भारतीय धार्मिक परंपराओं (Religious Traditions) में कलावा (Sacred Thread) का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठानों (Religious Rituals) और शुभ कार्यों के दौरान आमतौर पर लाल और पीले रंग के कलावे का प्रयोग किया जाता है। हालांकि ज्योतिष शास्त्र (Astrology) में हरे रंग के कलावे का भी अलग महत्व बताया गया है। मान्यता है कि यह विशेष रूप से बुध ग्रह (Mercury Planet) से जुड़ा होता है और इसे कुछ विशेष परिस्थितियों में ज्योतिषीय सलाह के अनुसार धारण किया जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, तर्क क्षमता, संचार कौशल और व्यापार का कारक माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर स्थिति में होता है या जिनके जीवन में निर्णय लेने, संवाद स्थापित करने अथवा करियर संबंधी चुनौतियां अधिक होती हैं, उन्हें कुछ ज्योतिषीय उपाय करने की सलाह दी जाती है। इन्हीं उपायों में हरे कलावे को धारण करना भी शामिल माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरे कलावे को धारण करने से व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है। कहा जाता है कि बुध ग्रह के सकारात्मक प्रभाव से व्यक्ति की सोच स्पष्ट होती है और वह अपने विचारों को बेहतर तरीके से व्यक्त कर पाता है। संचार कौशल में सुधार होने से सामाजिक और व्यावसायिक जीवन में भी लाभ मिलने की मान्यता है। यही कारण है कि व्यापार, शिक्षा और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों से जुड़े कई लोग इस उपाय को अपनाते हैं।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से हरे कलावे का एक अन्य लाभ मानसिक एकाग्रता और शांति से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि यह मन को स्थिर रखने और अनावश्यक चिंताओं को कम करने में सहायक हो सकता है। ऐसे लोग जो अत्यधिक सोच-विचार करते हैं या पढ़ाई और कार्यों में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई महसूस करते हैं, उनके लिए यह उपाय लाभकारी माना जाता है। छात्रों के लिए भी इसे सकारात्मक ऊर्जा और बेहतर फोकस से जोड़कर देखा जाता है।
करियर और व्यवसाय के क्षेत्र में भी हरे कलावे को शुभ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह व्यापार, गणना और व्यावसायिक निर्णयों का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए यह मान्यता प्रचलित है कि हरे कलावे को धारण करने से व्यक्ति की निर्णय क्षमता बेहतर हो सकती है और उसे नए अवसर प्राप्त होने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। हालांकि इन मान्यताओं का आधार धार्मिक और ज्योतिषीय परंपराएं हैं, जिनकी पुष्टि वैज्ञानिक रूप से नहीं की गई है।
हरे कलावे को धारण करने के लिए बुधवार का दिन सबसे उपयुक्त माना जाता है। यह दिन बुध ग्रह और भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार की सुबह स्नान करने के बाद भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर श्रद्धा भाव से हरे कलावे को धारण करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक संतुलन प्राप्त होने की मान्यता है।
ज्योतिषीय परंपराओं में हरे कलावे को बांधने की भी विशेष विधि बताई गई है। मान्यता के अनुसार इसे तीन गांठों के साथ बांधना चाहिए। पुरुषों के लिए दाएं हाथ और महिलाओं के लिए बाएं हाथ में इसे धारण करना शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि नियम और श्रद्धा के साथ धारण किया गया कलावा सकारात्मकता, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है।
भारतीय संस्कृति में ऐसे कई उपाय सदियों से आस्था और परंपरा का हिस्सा रहे हैं। हरा कलावा भी उन्हीं धार्मिक प्रतीकों में शामिल है, जिसे ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर शुभ और सकारात्मक प्रभाव देने वाला माना जाता है।
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