
नई दिल्ली।टेस्ला की सेल्फ ड्राइविंग(Tesla’s self-driving) तकनीक(technology ) को दुनिया की सबसे उन्नत ऑटोमोबाइल तकनीकों में गिना जाता है। कंपनी का ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम (driver monitoring system) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुरक्षा तंत्र इस बात पर लगातार नजर रखता है कि वाहन चला रहा व्यक्ति सड़क पर ध्यान दे रहा है या नहीं। लेकिन चीन(China )में कुछ ड्राइवरों ने इस हाईटेक सिस्टम(high-tech system) को चकमा देने का ऐसा तरीका खोज निकाला है जिसने तकनीकी विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार चीन में कई टेस्ला चालक अपनी कार के अंदर रियर व्यू मिरर के पास प्लास्टिक की गुड़िया का सिर फिट कर रहे हैं। यह गुड़िया का सिर टेस्ला के इन-कैबिन कैमरे के सामने इस तरह लगाया जाता है कि कार का एआई सिस्टम उसे एक वास्तविक और सतर्क ड्राइवर समझ लेता है। इसके बाद वाहन का ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम यह मान लेता है कि चालक पूरी तरह सक्रिय है और सड़क पर नजर बनाए हुए है।
दरअसल टेस्ला के ऑटोपायलट और फुल सेल्फ ड्राइविंग फीचर्स पूरी तरह स्वायत्त नहीं हैं। इनका उपयोग करते समय चालक का सतर्क रहना और जरूरत पड़ने पर तुरंत वाहन का नियंत्रण संभालना अनिवार्य होता है। इसी उद्देश्य से कंपनी ने ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया है जो चालक की आंखों की गतिविधियों और सिर की दिशा पर नजर रखता है। यदि सिस्टम को लगता है कि चालक ध्यान नहीं दे रहा है तो वह चेतावनी जारी करता है और जरूरत पड़ने पर ऑटोपायलट फीचर को सीमित भी कर सकता है।
चीन में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऐसी गुड़िया के सिर तेजी से बिक रहे हैं जिनकी कीमत लगभग 10 से 50 डॉलर के बीच बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं जिनमें लोग प्रसिद्ध हस्तियों की आकृति वाले प्लास्टिक सिर का इस्तेमाल कर टेस्ला के एआई सिस्टम को भ्रमित करते दिखाई दे रहे हैं। इस जुगाड़ के जरिए कुछ चालक लंबे सफर के दौरान ड्राइविंग पर कम ध्यान देते हुए ऑटोपायलट के भरोसे यात्रा करते नजर आ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। टेस्ला की तकनीक भले ही अत्याधुनिक हो लेकिन यह अभी भी मानव निगरानी पर निर्भर करती है। सड़क पर अचानक आने वाली किसी अप्रत्याशित स्थिति में वाहन हमेशा सही निर्णय लेने में सक्षम नहीं हो सकता। ऐसे समय चालक का सक्रिय और सतर्क होना बेहद जरूरी होता है। यदि ड्राइवर का ध्यान भटका हुआ हो तो दुर्घटना का जोखिम कई गुना बढ़ सकता है।
फिलहाल टेस्ला ने इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी भविष्य में ओवर द एयर यानी ओटीए अपडेट के माध्यम से अपने एआई सिस्टम को और अधिक उन्नत बना सकती है ताकि ऐसे जुगाड़ों को रोका जा सके। यह घटना केवल टेस्ला के लिए ही नहीं बल्कि पूरी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है क्योंकि इससे यह सवाल उठता है कि इंसानी चालाकी के सामने एआई आधारित सुरक्षा प्रणालियां कितनी प्रभावी हैं।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो उसकी सफलता अंततः जिम्मेदार उपयोगकर्ताओं पर ही निर्भर करती है। यदि सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जाएगी तो अत्याधुनिक तकनीक भी दुर्घटनाओं को पूरी तरह नहीं रोक पाएगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved