
- श्वान नसबंदी मुहिम को मिलेगा बढ़ावा, शेल्टर होम भी बनाएँगे
उज्जैन। उज्जैन सहित प्रदेशभर में डॉग बाइट और रेबीज के बढ़ते खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 55 जिलों में एक-एक एबीसी सेंटर खोला जाएगा। उज्जैन में एक सेंटर बनाने में करीब 40 से 50 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है।
वर्तमान में प्रदेश में 20 से ज्यादा एबीसी सेंटर संचालित हो रहे हैं। यानी नए 35 सेंटर बनाने की जरूरत है। इस हिसाब से 55 एबीसी सेंटर बनाने में 14 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च होगी। कुत्तों को नसबंदी से पहले रखने के लिए नए शेल्टर होम भी बनाए जाएँगे। इसके लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय में एक-एक शेल्टर स्थल बनाया जाएगा। वर्तमान में 12 जिलों की 14 निकायों में 18 शेल्टर स्थल संचालित हैं। 37 नए शेल्टर स्थलों का निर्माण होना बाकी है। एक शेल्टर स्थल बनाने में 45 लाख रुपए खर्च होंगे। यानी 37 शेल्टर स्थल बनाने में 16.65 करोड़ रुपए खर्च होंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एंटी रेबीज फ्री सिटी बनाने के लिए कुत्तों की सामूहिक नसबंदी, टीकाकरण, नए शेल्टर स्थल और एबीसी सेंटर खोले जाएंगे। इसके लिए बजट की आवश्यकता है, जिसका प्रस्ताव भेज दिया है। प्रदेश के 6 शहर रेबीज फ्री बनाने की कवायद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के छह शहरों को रेबीज मुक्त शहर बनाने के अभियान में शामिल किया गया है। इन शहरों में आवारा कुत्तों की 70 फीसदी संख्या का एंटी रेबीज टीकाकरण किया जाएगा। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के चयनित छह शहर उज्जैन, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और रतलाम में अगले चार साल के भीतर सामूहिक एंटी रेबीज टीकाकरण किया जाएगा। इन शहरों में 5 लाख कुत्तों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इस पर करीब 10 करोड़ 5 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। वहीं प्रति एंटी रेबीज टीकाकरण पर भी करीब 300 रुपए खर्च आएगा।