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महाकाल की राह आसान करने के लिए रेलवे का नया मॉडल शुरू

August 06, 2026

  • मुख्य द्वार के बाहर 1200 क्षमता वाला वाटरप्रूफ डोम बना यात्रियों का इंतजार केंद्र-प्लेटफॉर्म की भीड़ घटी-सिंहस्थ का ट्रायल शुरू

उज्जैन। महाकाल के दर्शन के लिए श्रावण-भादौ में उमड़ रही रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए उज्जैन रेलवे स्टेशन पर पहली बार लागू की गई वन-वे यात्री व्यवस्था जमीन पर दिखाई देने लगी है। स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार से यात्रियों की एंट्री और दूसरी ओर से निकासी की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही स्टेशन परिसर के बाहर तैयार किया गया 1200 यात्रियों की क्षमता वाला वाटरप्रूफ डोम भी श्रद्धालुओं के लिए राहत केंद्र बन गया है।


  • गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रेन का इंतजार करते हुए प्लेटफॉर्म पर भीड़ लगाने के बजाय इसी डोम में बैठे नजर आए। यहां यात्रियों के बैठने, बारिश से बचाव और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। इससे प्लेटफॉर्म और स्टेशन भवन के भीतर भीड़ का दबाव कम हुआ है और यात्रियों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित दिखाई दे रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार श्रावण-भादौ के दौरान उज्जैन स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 95 हजार यात्रियों के आने का अनुमान है। अगस्त और सितंबर के लिए एडवांस टिकट बुकिंग पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुकी है। सामान्य दिनों में जहाँ स्टेशन पर करीब 72 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है, वहीं सावन में यह संख्या लगातार बढ़ रही है।

    भीड़ बढऩे पर डोम में ही रोके जा रहे यात्री..स्टेशन के बाहर बनाया गया वाटरप्रूफ होल्डिंग डोम अब भीड़ प्रबंधन का प्रमुख केंद्र बन गया है। ट्रेन आने से पहले यात्रियों को यहीं रोका जा रहा है और आवश्यकता अनुसार चरणबद्ध तरीके से प्लेटफॉर्म तक भेजा जा रहा है। इससे अनावश्यक भीड़ और धक्का-मुक्की की स्थिति से बचाव हो रहा है। बारिश के मौसम में श्रद्धालुओं को भी इससे बड़ी राहत मिल रही है।
    भोपाल रूट पर सबसे ज्यादा दबाव, अतिरिक्त ट्रेनें तैयार..रेलवे का मानना है कि महाकाल लोक बनने के बाद सबसे अधिक यात्री भोपाल रूट से उज्जैन पहुंच रहे हैं। इसी को देखते हुए इस मार्ग पर छह अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की तैयारी की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा में परेशानी न हो और भीड़ का दबाव नियंत्रित रखा जा सके।
    ड्रोन और अतिरिक्त सुरक्षा से निगरानी..श्रावण-भादौ के दौरान स्टेशन और आसपास के पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए की जाएगी। इसके अलावा अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती भी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    सिंहस्थ-2028 का ट्रायल भी माना जा रहा..
    रेलवे और जिला प्रशासन इस पूरी व्यवस्था को केवल सावन तक सीमित नहीं मान रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि वन-वे यातायात, होल्डिंग डोम और चरणबद्ध प्रवेश जैसी व्यवस्थाएं सिंहस्थ-2028 के लिए भी क्राउड मैनेजमेंट का ट्रायल हैं। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में महाकाल मंदिर और सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में भी इसी व्यवस्था को स्थायी रूप से अपनाया जा सकता है।

    इसलिए किया परिवर्तन..

    • प्रतिदिन करीब 95 हजार यात्रियों की एडवांस बुकिंग।
    • पहली बार स्टेशन पर वन-वे एंट्री-एग्जिट सिस्टम लागू।
    • 1200 यात्रियों की क्षमता वाला वाटरप्रूफ डोम तैयार।
    • भोपाल रूट पर 6 अतिरिक्त ट्रेनों की तैयारी।
    • ड्रोन, सीसीटीवी और अतिरिक्त सुरक्षा बल से निगरानी।
    • सिंहस्थ-2028 के क्राउड मैनेजमेंट मॉडल के रूप में भी देखा जा रहा प्रयोग।

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