
उज्जैन। सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। महाकाल मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास लगातार लगने वाले जाम को कम करने के लिए अब शहर में संचालित सभी ऑटो और ई-रिक्शा के लिए यूनिक आईडी प्रणाली लागू की गई है। बिना यूनिक आईडी के शहर में ऑटो या ई-रिक्शा का संचालन नहीं किया जा सकेगा।
ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या और अव्यवस्था पर हाईकोर्ट सख्त
उधर मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ रहे बैटरी चलित ई-रिक्शा और यातायात व्यवस्था पर पड़ रहे असर को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए अंतिम मोहलत दी है। हाईकोर्ट में दायर याचिका में बताया गया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा बिना परमिट के संचालित हो रहे हैं। लगातार बढ़ती संख्या के कारण शहरों में ट्रैफिक जाम, अव्यवस्था और दुर्घटनाओं की समस्या बढ़ रही है। उज्जैन शहर में हजारों ई-रिक्शा चल रहे हैं। सड़कों पर इनकी संख्या बढऩे से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई जगह नाबालिग और बिना लाइसेंस वाले चालक भी ई-रिक्शा चला रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। भारत सरकार के 2018 के नोटिफिकेशन के तहत ई-रिक्शा और बैटरी चलित वाहनों को मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66 के तहत परमिट की अनिवार्यता से छूट दी गई थी। इसी छूट का दुरुपयोग हो रहा है और बड़ी संख्या में बिना नियमों के वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ई-रिक्शा को दी गई छूट के कारण शहरों में वाहनों की बाढ़ आ गई है। हर सड़क पर ई-रिक्शा दिखाई दे रहे हैं और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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