img-fluid

जहां मासूम ने तड़पकर तोड़ा दम वहीं ढेर हुआ आरोपी प्रभास मंडल एनकाउंटर के बाद उठे कई सवाल

July 10, 2026

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल (West Bengal)के बारुईपुर (Baruipur)में 11 वर्षीय (11-year-old girl)बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने पूरे देश को झकझोर दिया। चार दिन तक चली पुलिस जांच के बाद इस सनसनीखेज मामले का मुख्य आरोपी प्रभास मंडल(Prabhas Mandal) पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। जिस इलाके में मासूम की दर्दनाक मौत हुई थी उसी क्षेत्र के पास आरोपी की मौत होने से यह मामला और भी चर्चा में आ गया है। अब इस पूरे एनकाउंटर की जांच अपराध जांच विभाग यानी CID को सौंपी जा रही है जबकि न्यायिक जांच भी समानांतर रूप से जारी रहेगी।

घटना की शुरुआत 4 जुलाई को हुई जब बारुईपुर के सूर्यपुर हाट क्षेत्र के एक तालाब से बोरे में बंद 11 वर्षीय बच्ची का शव बरामद हुआ। बच्ची अपनी सहेली के लिए उपहार खरीदने घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। जांच के दौरान सामने आया कि उसके साथ पहले दरिंदगी की गई और फिर उसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में बोरे में भरकर तालाब में फेंक दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी संकेत मिले कि बच्ची तालाब में फेंके जाने के समय जीवित थी और उसके फेफड़ों तथा पेट में पानी मिला जिससे डूबने की पुष्टि हुई। शरीर पर कई चोटों के साथ निजी अंगों पर गंभीर जख्म और काटने के निशान भी पाए गए।

जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में प्रभास मंडल आखिरी बार बच्ची के साथ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी। शुरुआत में परिवार ने आरोपी के घर पर न होने का दावा किया लेकिन पुलिस ने घर के अंदर तलाशी ली तो वह एक कोने में छिपा मिला। पूछताछ के दौरान उसने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और अन्य लोगों पर आरोप लगाया लेकिन बाद में कथित रूप से उसने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

घटना के चार दिन बाद देर रात पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर लेकर पहुंची जहां पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया जा रहा था। पुलिस के अनुसार इसी दौरान प्रभास मंडल ने एक पुलिस अधिकारी की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई जो उसके सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में लगी। घायल आरोपी को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


  • एनकाउंटर के बाद अब पूरे मामले की जांच CID को सौंपने की तैयारी की गई है क्योंकि मुठभेड़ में स्थानीय पुलिस के अधिकारी शामिल थे। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाती है। इसके साथ ही न्यायिक जांच भी जारी रहेगी ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष समीक्षा की जा सके।

    यह मामला एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। साथ ही यह भी स्पष्ट करता है कि ऐसे जघन्य अपराधों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कितनी आवश्यक है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में कानून के प्रति विश्वास बना रहे।

    Share:

  • 9 साल पुरानी शादी अब तलाक की दहलीज पर, रिश्ते को लेकर पहली बार खुलकर बोले दोनों

    Fri Jul 10 , 2026
    नई दिल्ली । टीवी अभिनेता गौरव खन्ना (Gaurav Khanna) और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला (Akanksha Chamola) का करीब नौ वर्ष पुराना वैवाहिक रिश्ता (Marriage) अब समाप्ति (Separation) की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। दोनों के बीच लंबे समय से चल रहे अलगाव और तलाक (Divorce) की प्रक्रिया को लेकर हाल ही में सार्वजनिक मंच पर […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved