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अंतरिक्ष में कैसे बनेगा स्पेस स्टेशन? PM मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में किया अपडेट

July 10, 2026

नई दिल्ली: PM मोदी ने अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा में अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियों का जिक्र किया. उन्होंने कहा, कैसे भारत ने चांद के साउथ पोल पर चंद्रयान लैंड कराया. दुनिया में कोई और देश ऐसा नहीं कर पाया. भारत सिर्फ इससे संतुष्ट नहीं रहा है. इसलिए भारत अब स्पेस में अपना गगनयान भेजने की तैयारी कर रहा है और अब अपना स्पेस स्टेशन बनाने के लक्ष्य पर चल रहा है. भारत पहले ही दावा कर चुका है कि 2035 तक अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा.

अब सवाल है कि अंतरिक्ष में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन कैसे बनता है, इसे तैयार करने में कितना समय लगता है और कितनी तैयारी के बाद यह स्थापित हो पाता है? आइए समझते हैं.

स्पेस स्टेशन एक तरह का स्पेसक्राफ्ट ही होता है, लेकिन आकार में बड़ा होता है. यहीं पर अंतरिक्ष यात्री रहते हैं. रिसर्च करते हैं. स्पेस स्टेशन के निर्माण का फैसला कई देश मिलकर लेते हैं और मिलकर ही इसका निर्माण करते हैं. अलग-अलग देशों की स्पेस एजेंसियां इसे तैयार करने में मदद करती हैं.


  • पूरे स्पेस स्टेशन को एक साथ नहीं तैयार किया जाता. इसका निर्माण टुकड़ों में किया जाता है. इसे धरती पर तैयार किया जाता है और फिर इसके अलग-अलग हिस्सों को अंतरिक्ष यात्रियों के जरिए स्पेस में जोड़ा जाता है. इसके लिए एस्ट्रोनॉट को कई तरह की तैयारियां करनी पड़ती हैं. विशेष उपकरणों को रखने के साथ खास तरह का स्पेस सूट पहनना पड़ता है. धरती से करीब 250 मील दूर स्पेस स्टेशन की ऑर्बिट होती है. स्पेस स्टेशन के सभी हिस्से जुड़ने के बाद यह पूरी तरह से इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाता है. अब इसका खर्च और निर्माण में लगने वाले समय को जान लेते हैं.

    इसके निर्माण में कितना समय लगता है यह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के उदाहरण से समझ सकते हैं. ISS का निर्माण अमेरिका, जापान, रूस, यूरोप और कनाडा की स्पेस एजेंसियों ने मिलकर किया था. इसे तैयार करने में 150 बिलियन अमेरिकी डॉलर का खर्च आया था. निर्माण की शुरुआत 1998 में हुई और बनकर 2011 में तैयार हुआ है. यानी एक बात तो साफ है कि स्पेस स्टेशन को बनने में कई सालों का समय लगता है.

    इसे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के उदाहरण से समझते हैं. यह 5 बेडरूम वाले घर जितना बड़ा है. इसमें एक जिम, दो बाथरूम और एक बड़ी खिड़की है. यहां 6 लोग एक साथ रह सकते हैं. पूरे स्पेस स्टेशन का कुल वजन एक मिलियन पाउंड बताया गया है, जो किसी फुटबॉल के मैदान के बराबर है. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में अमेरिका, रूस, जापान और यूरोप की साइंस लैब है.

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