
जबलपुर। देश में पहली बार किसी मेडिकल यूनिवर्सिटी को तोड़ा गया है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में भी मेडिकल यूनिवर्सिटी एक ही है। ऐसे में जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को ही क्यों बांटा गया। इस गंभीर सवाल को उठाते हुए आज नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शन मंच, भारतीय वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन, महिला समिति, सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन तथा किसान समिति ने घंटाघर के पास जोरदार विरोध प्रदर्शन कर अपना भारी आक्रोश व्यक्त किया है।
एक दिन शहर के पास क्या शेष बचेगा
इन सभी प्रतिष्ठित संस्थाओं के छिन जाने और टूटने की वजह से जबलपुर शहर का समग्र कद और महत्व काफी हद तक घट गया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि शहर के हितों की अनदेखी का यह सिलसिला आगे भी इसी प्रकार जारी रहा, तो जनता और भी अधिक उग्र आंदोलन करने के लिए पूरी तरह से बाध्य होगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल बहुत तेज हो गई है और आम नागरिकों के बीच भी इस बात को लेकर खासी चर्चा बनी हुई है कि शहर के विकास और उसकी संस्थाओं को बचाने के लिए आगे की क्या ठोस रणनीति अपनाई जाएगी।
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