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हनुमानगढ़ी विवाद पर बृज भूषण की सफाई, बोले- किसी की भावना आहत हुई हो तो क्षमा चाहता हूं

July 22, 2026

गोंडा। हनुमानगढ़ी (Hanumangarhi) में नमाज (Namaz) को लेकर दिए गए बयान पर विवाद बढ़ने के बाद पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) ने अपनी प्रतिक्रिया स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि यदि उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए क्षमा मांगने को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) के बयान का खंडन करना नहीं था।

हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया था कि उसके शासनकाल में हनुमानगढ़ी परिसर में नमाज पढ़ी गई थी। इसके बाद 17 जुलाई को गोंडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बृज भूषण शरण सिंह ने कहा था कि वहां नमाज नहीं पढ़ी गई थी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई।

बयान को लेकर दी सफाई
विवाद बढ़ने पर बृज भूषण ने कहा कि मीडिया ने उनसे विशेष रूप से यह सवाल पूछा था कि क्या हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ी गई थी। उन्होंने उसी सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि सीढ़ियों पर नमाज नहीं पढ़ी गई। उन्होंने स्वीकार किया कि उसी समय उन्हें यह भी स्पष्ट कर देना चाहिए था कि सीढ़ियों की बात अलग है, जबकि 52 बीघा परिसर, किसी संत के स्थान या परिसर के अन्य हिस्से में नमाज पढ़े जाने का दावा अलग विषय है। उनका कहना था कि यदि यह बात उसी समय स्पष्ट कर दी जाती तो शायद विवाद की स्थिति नहीं बनती।


  • ‘मुख्यमंत्री के बयान का विरोध नहीं किया’
    पूर्व सांसद ने कहा कि उनका मकसद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का विरोध करना या उसे गलत साबित करना नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने के सवाल का जवाब दिया था। उन्होंने अपने बयान की तुलना “अश्वत्थामा हतो नरो वा कुंजरो” जैसी स्थिति से करते हुए कहा कि अलग-अलग संदर्भों में मुख्यमंत्री का बयान, अयोध्या के संतों की बात और उनका जवाब—तीनों अपने-अपने संदर्भ में सही हो सकते हैं।

    मीडिया पर संदर्भ बदलकर पेश करने का आरोप
    बृज भूषण शरण सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत किया गया, जिससे यह संदेश गया कि वह मुख्यमंत्री के बयान का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी उनकी कोई मंशा नहीं थी। उन्होंने कहा, “यदि मेरे बयान से किसी की भावना को ठेस पहुंची है या मेरे शब्दों को गलत अर्थ में लिया गया है, तो मैं इसके लिए क्षमा मांगने को तैयार हूं।”

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