
नई दिल्ली ।भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2026-27 घरेलू क्रिकेट (Cricket) सत्र की शुरुआत से पहले खेल के संचालन और अनुशासन (Discipline) को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्लेइंग कंडीशंस में कई महत्वपूर्ण बदलाव (Changes) किए हैं। नए नियमों (Rules) के तहत अब जानबूझकर फ्रंट फुट नो बॉल या खतरनाक बीमर फेंकने वाले गेंदबाजों के खिलाफ पहले की तुलना में कहीं अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड का मानना है कि इन बदलावों से घरेलू क्रिकेट में अनुशासन, निष्पक्षता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मैच संचालन सुनिश्चित होगा।
नए नियमों के अनुसार यदि कोई गेंदबाज जानबूझकर फ्रंट फुट नो बॉल फेंकता हुआ पाया जाता है, तो उसे केवल गेंदबाजी से नहीं रोका जाएगा, बल्कि पूरे मैच के शेष हिस्से से निलंबित कर दिया जाएगा। यही प्रावधान खतरनाक बीमर फेंकने की स्थिति में भी लागू होगा। पहले ऐसे मामलों में गेंदबाज को केवल संबंधित पारी में गेंदबाजी करने से रोका जाता था और वह अगली पारी में फिर गेंदबाजी कर सकता था, लेकिन अब इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया गया है।
बीसीसीआई ने मल्टी-डे और फर्स्ट क्लास क्रिकेट के संचालन से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया है। अब दिन के अंतिम ओवर को हर स्थिति में पूरा कराया जाएगा। यदि आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर विकेट गिरता है, तब भी नई बल्लेबाजी करने वाला खिलाड़ी मैदान पर आएगा और ओवर की अंतिम गेंद खेली जाएगी। पहले कई बार विकेट गिरने के साथ ही दिन का खेल समाप्त कर दिया जाता था, लेकिन अब ओवर अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा।
वनडे क्रिकेट के लिए भी बोर्ड ने कुछ व्यावहारिक बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत अब ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान टीम के कप्तान मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से बातचीत कर सकेंगे और रणनीति साझा कर सकेंगे। इससे पहले कप्तानों के लिए इस प्रकार की सीधी बातचीत पर प्रतिबंध था। माना जा रहा है कि इससे मैच के दौरान रणनीतिक फैसले लेने में टीमों को अधिक सुविधा मिलेगी।
विकेटकीपर्स से जुड़े नियमों में भी स्पष्टता लाई गई है। अब विकेटकीपर गेंदबाज के रन-अप के दौरान अपने हाथ स्टंप्स के आगे रख सकता है, लेकिन गेंद छोड़े जाने के क्षण उसके दस्ताने स्टंप्स के पीछे होने अनिवार्य होंगे। हाल के समय में कई मुकाबलों में विकेटकीपर के दस्ताने स्टंप्स से आगे होने के कारण नो बॉल दिए जाने की घटनाएं सामने आई थीं। नए प्रावधान का उद्देश्य ऐसी तकनीकी विवादित परिस्थितियों को कम करना और नियमों को अधिक स्पष्ट बनाना है।
बीसीसीआई ने इन सभी संशोधनों की जानकारी राज्य क्रिकेट संघों, अंपायरों और मैच रेफरी को भेज दी है। साथ ही आगामी घरेलू सत्र से पहले अधिकारियों को नए नियमों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि उनका प्रभावी और एकरूप तरीके से पालन कराया जा सके। ये बदलाव मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) द्वारा क्रिकेट के नियमों में किए गए संशोधनों के अनुरूप तैयार किए गए हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियम खिलाड़ियों की जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ खेल की गुणवत्ता और निष्पक्षता को भी मजबूत करेंगे। विशेष रूप से जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान घरेलू क्रिकेट में अनुशासन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले घरेलू सीजन में इन नियमों के प्रभाव को लेकर खिलाड़ियों, टीम प्रबंधन और क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें टिकी रहेंगी।
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