
नई दिल्ली । केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा (Union Minister JP Nadda) ने कहा कि संसद में विपक्ष का व्यवहार (Opposition’s conduct in Parliament) गैरजिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है (Is Irresponsible and against Democratic Values) ।
राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि सदन में किया जा रहा व्यवहार बेहद गैरजिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि संसद की मर्यादाओं को तार-तार किया जा रहा है और लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन हो रहा है। गौरतलब है कि कांग्रेस समेत विपक्षी सांसद नीट परीक्षा व पेपर लीक के मुद्दे पर तुरंत चर्चा व केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दरअसल सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार मानसून सत्र के पहले दिन से ही नीट परीक्षा और कथित प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है। इस संबंध में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को भी सरकार का रुख बताया गया है।
जेपी नड्डा ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। नीट परीक्षा, कथित प्रश्नपत्र लीक और उससे जुड़े सभी पहलुओं पर भी सरकार विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार है। नेता सदन ने कहा कि यह पारदर्शिता के साथ काम करने वाली सरकार है और हमेशा जनता के हित में निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का मौजूदा रवैया जनविरोधी है और वह सार्थक चर्चा से बचने का प्रयास कर रहा है। विपक्ष के आचरण से यह प्रतीत होता है कि उसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संसदीय मूल्यों पर विश्वास नहीं है। उन्होंने विपक्ष की कार्यप्रणाली की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और संवाद ही लोकतंत्र का सही रास्ता है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि चर्चा किस नियम के तहत और किस स्वरूप में होगी, इस पर सभी पक्षों से बातचीत कर निर्णय लिया जा सकता है, लेकिन चर्चा से बचने के लिए शर्तें लगाना उचित नहीं है। सदन में सुबह हुए हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे दोबारा शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सदन चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कुछ मांगें रखी हैं और सरकार उनका जवाब देना चाहती है, लेकिन इसके लिए विपक्ष को सरकार की बात भी सुननी चाहिए। सरकार मानसून सत्र के पहले दिन से ही नीट परीक्षा और कथित प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इसमें शर्तें लगाना उचित नहीं है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर विस्तार से चर्चा करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देश और सदन के सामने रखना उसका दायित्व है। उन्होंने विपक्ष पर नारेबाजी के जरिए सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकांश दल चाहते हैं कि इस विषय पर चर्चा हो। रिजिजू ने कहा कि सरकार सभापति के निर्देशों और नियमों के अनुसार चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। चर्चा की अवधि और स्वरूप का निर्णय पीठासीन अधिकारी कर सकते हैं और सरकार उसे मानने को तैयार है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह हंगामे की बजाय चर्चा में भाग लेकर अपनी बात सदन में रखे।
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