img-fluid

अगस्त से लागू होगा CKYC 2.0! खाता खोलने का तरीका बदलेगा

July 24, 2026

डेस्क: भारत में वित्तीय सेवाओं का इस्तेमाल अब पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाला है. सरकार और वित्तीय नियामकों की ओर से सेंट्रल नो योर कस्टमर 2.0 (CKYC 2.0) सिस्टम लागू करने की तैयारी की जा रही है. अगस्त से इसकी शुरुआत बैंकों और बीमा कंपनियों में होगी, जबकि बाद में म्यूचुअल फंड और ब्रोकरेज कंपनियां भी इससे जुड़ जाएंगी. इस नई व्यवस्था के बाद ग्राहकों को हर बार नया वित्तीय उत्पाद खरीदते समय या खाता खोलते समय बार-बार KYC दस्तावेज जमा नहीं करने पड़ेंगे.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, CKYC 2.0 के तहत ग्राहकों को केवल एक बार अपनी सहमति (कंसेंट) देनी होगी. इसके बाद बैंक, बीमा कंपनियां और अन्य वित्तीय संस्थान केंद्रीय रजिस्ट्री में मौजूद सत्यापित जानकारी को सीधे प्राप्त कर सकेंगे. इससे खाता खोलने, बीमा पॉलिसी लेने या अन्य वित्तीय सेवाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया काफी तेज और आसान हो जाएगी.

यह परियोजना भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) और बीमा नियामक IRDAI मिलकर लागू कर रहे हैं. फिलहाल बैंक और बीमा कंपनियों को इससे जोड़ा जा रहा है, जबकि म्यूचुअल फंड और ब्रोकरेज कंपनियों को इस साल के अंत तक इसमें शामिल किए जाने की संभावना है.


  • अभी किसी व्यक्ति को बैंक खाता खोलने, म्यूचुअल फंड में निवेश करने, बीमा खरीदने या अन्य वित्तीय सेवाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग संस्थानों में बार-बार KYC दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं. हालांकि देश में करीब 120 करोड़ रिकॉर्ड वाली केंद्रीय KYC रजिस्ट्री पहले से मौजूद है, लेकिन उसमें डुप्लिकेट रिकॉर्ड, अधूरी जानकारी और डेटा की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं. इसी वजह से कई संस्थान उस डेटा पर पूरी तरह भरोसा नहीं करते.

    CKYC 2.0 में हर रिकॉर्ड के साथ एक ‘कॉन्फिडेंस स्कोर’ होगा, जिससे यह पता चलेगा कि ग्राहक की जानकारी कितनी भरोसेमंद है और उसे किसी वित्तीय संस्था ने सत्यापित किया है या नहीं. किसी भी संस्था को ग्राहक का रिकॉर्ड देखने के लिए OTP के जरिए उसकी मंजूरी लेनी होगी.

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई व्यवस्था सिर्फ ग्राहकों की सुविधा ही नहीं बढ़ाएगी, बल्कि वित्तीय धोखाधड़ी पर भी लगाम लगाने में मदद करेगी. एक ही जगह सत्यापित जानकारी उपलब्ध होने से फर्जी दस्तावेजों और डुप्लिकेट पहचान का जोखिम कम होगा.

    एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के जॉइंट सीईओ का कहना है कि CKYC 2.0 से म्यूचुअल फंड उद्योग को बड़ा फायदा मिल सकता है. उनके मुताबिक, सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पास ही करीब 50 करोड़ बैंक खाते हैं. यदि इनमें से थोड़े से पात्र ग्राहक भी आसानी से निवेश शुरू करते हैं, तो म्यूचुअल फंड उद्योग का निवेशक आधार तेजी से बढ़ सकता है.

    विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 2024 तक भारत के लगभग 89% वयस्कों के पास बैंक खाता है, लेकिन म्यूचुअल फंड, बीमा और पेंशन जैसे वित्तीय उत्पादों में भागीदारी अभी भी अपेक्षाकृत कम है. ऐसे में सरकार का मानना है कि एकीकृत ग्राहक पहचान प्रणाली लोगों के लिए निवेश और बीमा सेवाओं तक पहुंच आसान बनाएगी. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि CKYC 2.0 सफल रहता है, तो भारत भी सिंगापुर और कई यूरोपीय देशों की तरह एक मजबूत डिजिटल पहचान आधारित वित्तीय व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा देगा.

    Share:

  • इस बीवी ने तो क्रूरता की सभी हदें कर दीं पार, तीसरे पति को जिंदा जलाया

    Fri Jul 24 , 2026
    उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कल्याणी मोहल्ले से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां 56 वर्षीय हृदेश तिवारी को उनकी तीसरी पत्नी रानू और उसके मायके वालों ने कथित तौर पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया. गंभीर रूप से झुलसे वृद्ध को इलाज […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved