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ईरान में सत्ता के शीर्ष पर बढ़ा टकराव? राष्ट्रपति और सरकारी टीवी आमने-सामने, नेतृत्व को लेकर छिड़ी नई बहस

July 26, 2026

तेहरान। ईरान में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) की सरकार और सरकारी प्रसारण नेटवर्क आईआरआईबी (IRIB) के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया है। यह टकराव केवल एक टीवी प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे देश के शीर्ष नेतृत्व और सत्ता तंत्र के भीतर बढ़ते मतभेदों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। विवाद की जड़ अमेरिका के साथ बातचीत और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी नीतियों को लेकर बताई जा रही है।

राष्ट्रपति के भाषण के प्रसारण पर उठा विवाद

पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक सार्वजनिक संबोधन में कहा कि पिछले वर्ष इजराइल के साथ 12 दिन के युद्ध के बाद तत्कालीन सुप्रीम लीडर आयतोल्ला अली खामेनेई ने सार्वजनिक रूप से अमेरिका से बातचीत का विरोध किया था, लेकिन निजी स्तर पर बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी।

राष्ट्रपति के अनुसार, उन्होंने देश की परिस्थितियों से सुप्रीम लीडर को अवगत कराया था, जिसके बाद वार्ता शुरू करने की मंजूरी मिली। सरकार का आरोप है कि सरकारी टीवी नेटवर्क IRIB ने राष्ट्रपति के भाषण के इसी हिस्से का प्रसारण नहीं किया।



  • सरकार ने लगाए संपादन के आरोप

    गवर्नमेंट इन्फॉर्मेशन काउंसिल का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। परिषद के अनुसार, हाल के दिनों में संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कालीबाफ और न्यायपालिका प्रमुख गुलाम-हुसैन मोहसेनी एजेई के भाषणों के उन हिस्सों को भी प्रसारित नहीं किया गया, जिनमें राष्ट्रपति सरकार के समर्थन की बात कही गई थी।

    सरकार का आरोप है कि इस तरह की एडिटिंग से जनता तक अधूरी जानकारी पहुंच रही है और महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेशों को जानबूझकर दबाया जा रहा है।

    IRIB ने आरोपों को किया खारिज

    सरकारी प्रसारण संस्था IRIB ने इन आरोपों को अस्वीकार करते हुए कहा कि उसका उद्देश्य देश के शीर्ष नेतृत्व के बारे में किसी भी तरह का भ्रम या दोहरी सत्ता का संदेश जाने से रोकना था। चैनल का कहना है कि राष्ट्रीय एकता बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और उसी दृष्टिकोण से संपादकीय निर्णय लिए गए।

    विदेश मंत्री ने भी जताई नाराजगी

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी सरकारी टीवी के रवैये पर असंतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अमेरिकी मीडिया को दिए गए इंटरव्यू में ईरान का पक्ष विस्तार से रखा था, लेकिन IRIB ने उन इंटरव्यू के केवल चुनिंदा हिस्से ही प्रसारित किए, जिससे उनका पूरा संदेश जनता तक नहीं पहुंच सका।

    कट्टरपंथी धड़े के प्रभाव का आरोप

    अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी सरकार का संकेत है कि सरकारी प्रसारण संस्था के भीतर मौजूद कट्टरपंथी समूह संपादकीय फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं। दूसरी ओर IRIB का आरोप है कि सरकार के कुछ बयान सुप्रीम लीडर के राष्ट्रीय एकता के संदेश को कमजोर कर रहे हैं।

    दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर देश की एकजुटता को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं, जिससे यह विवाद अब केवल मीडिया कवरेज का नहीं बल्कि ईरान की आंतरिक राजनीतिक खींचतान का विषय बन गया है।

    अमेरिका नीति बनी विवाद की अहम वजह

    विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका के साथ संभावित वार्ता, क्षेत्रीय सुरक्षा और विदेश नीति को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण इस विवाद के पीछे प्रमुख कारण हो सकते हैं। हालांकि दोनों पक्ष सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय एकता की बात कर रहे हैं, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने ईरान की सत्ता व्यवस्था के भीतर मौजूद मतभेदों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

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