
नई दिल्ली ।हिंदी सिनेमा में कैबरे (Cabaret) डांस को नई पहचान देने वाली दिग्गज अभिनेत्री और डांसर हेलन (Helen) ने अपने मशहूर कॉस्ट्यूम्स (Costumes) और ग्लैमरस लुक से जुड़े कई दिलचस्प किस्से साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि फिल्मों में अपनी हर प्रस्तुति को अलग और आकर्षक बनाने के लिए वह केवल स्थानीय बाजारों पर निर्भर नहीं रहती थीं, बल्कि विशेष एक्सेसरीज (Accessories) और कॉस्ट्यूम्स की तलाश में लंदन (London) और पेरिस जैसे शहरों तक जाती थीं। उनका मानना था कि कलाकार की पहचान केवल उसके अभिनय या नृत्य से नहीं, बल्कि उसकी प्रस्तुति और व्यक्तित्व से भी बनती है।
एक विशेष कार्यक्रम में बातचीत के दौरान हेलन ने कहा कि उन्होंने अपने करियर के दौरान हर डांस नंबर को अलग पहचान देने की कोशिश की। इसके लिए उन्होंने कॉस्ट्यूम्स, ज्वेलरी, हेडगियर और अन्य सजावटी सामान का चयन खुद किया। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि दर्शकों को हर बार कुछ नया और यादगार देखने को मिले।
हेलन ने बताया कि वह लंदन से विशेष आईलैशेज और रंगीन कॉन्टैक्ट लेंस लेकर आती थीं, जबकि अपनी कुछ खास कॉस्ट्यूम्स के लिए पेरिस से असली पंख मंगवाए थे। उनके अनुसार, उस दौर में इस तरह की चीजें आसानी से उपलब्ध नहीं होती थीं, इसलिए उन्हें अपनी पसंद के अनुरूप सामग्री विदेशों से जुटानी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि उनके कई हेडगियर उनकी हेयर ड्रेसर तैयार करती थीं, जबकि ज्वेलरी और बड़े आकार के चश्मे जैसी एक्सेसरीज का चयन भी वह खुद करती थीं ताकि उनका लुक समय से आगे और अलग दिखाई दे।
हेलन का कहना है कि किसी भी कलाकार के लिए मंच या कैमरे के सामने उसकी प्रस्तुति बेहद महत्वपूर्ण होती है। यही कारण था कि वह अपने हर डांस नंबर की तैयारी में बारीकी से ध्यान देती थीं। उनके कॉस्ट्यूम्स और स्टाइलिंग ने न केवल उनके व्यक्तित्व को अलग पहचान दी, बल्कि हिंदी फिल्मों में ग्लैमर और फैशन की नई दिशा भी तय की।
अपने लंबे फिल्मी सफर में हेलन ने कई ऐसे गीतों पर प्रदर्शन किया जो आज भी दर्शकों की पसंद बने हुए हैं। ‘ये मेरा दिल’, ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘महबूबा महबूबा’, ‘आज की रात कोई आने को है’ और ‘ओ हसीना जुल्फों वाली’ जैसे गीतों में उनकी अदाएं, ऊर्जा और अलग अंदाज ने उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार डांसरों में शामिल कर दिया। उनके डांस नंबरों ने कई पीढ़ियों के कलाकारों और कोरियोग्राफरों को प्रेरित किया है।
कार्यक्रम के दौरान अभिनेता जावेद जाफरी ने भी हेलन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने आत्मविश्वास, स्टाइल और शानदार प्रस्तुतियों से हिंदी फिल्मों में ग्लैमर की नई परिभाषा स्थापित की। वहीं अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने बताया कि फिल्म उद्योग में हेलन को हमेशा विशेष सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ कलाकारों से सुनने को मिलता था कि जब भी हेलन किसी फिल्म के सेट पर पहुंचती थीं तो पूरा माहौल अनुशासित और सम्मानपूर्ण हो जाता था।
हेलन ने अपने करियर की शुरुआत 1951 में एक बैकग्राउंड डांसर के रूप में की थी और कुछ वर्षों बाद उन्हें पहली बार एकल नृत्य प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इसके बाद उन्होंने लगातार अपनी प्रतिभा, मेहनत और अलग शैली के दम पर हिंदी सिनेमा में ऐसी पहचान बनाई, जो आज भी कायम है। उनके कॉस्ट्यूम्स, फैशन सेंस और मंच पर प्रभावशाली उपस्थिति भारतीय फिल्म इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं।
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