
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नर्मदापुरम जिले (Narmadapuram district) से सरकारी खजाने में डाका डालने और भ्रष्टाचार का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। माखननगर स्थित ‘कनकधारा वेयरहाउस’ में रखी करीब ₹28.14 करोड़ की सरकारी मूंग में भारी मिलावट और हेरफेर का एक बड़ा पर्दाफाश हुआ है। हद तो तब हो गई जब जांच में मूंग की कई बोरियां अनाज के बजाय पूरी तरह से सिर्फ मिट्टी, कंकड़-पत्थर से भरी पाई गईं।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा को मिली एक गोपनीय शिकायत के बाद एसडीएम देवेंद्र सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी और उप संचालक कृषि के संयुक्त दल ने कनकधारा वेयरहाउस पर औचक छापा मारा। जब रिकॉर्ड में दर्ज करीब 31,298 क्विंटल मूंग के 23 स्टैक्स का रैंडम परीक्षण किया गया, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। सरकारी मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए बोरियों में घटिया नॉन-एफएक्यू मटेरियल भरा हुआ था। यह पूरा भंडारित स्टॉक वर्ष 2023-24 और 2024-25 का है, जो लक्ष्मी स्व सहायता समूह और सेवा सहकारी समिति बहाड़पुर की निगरानी में था। धांधली उजागर होते ही प्रशासन ने वेयरहाउस को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। लैब रिपोर्ट में भी मिलावट की पुष्टि हो चुकी है।
इस महाघोटाले का सबसे बड़ा और हैरान करने वाला झोल यह है कि जिस कनकधारा वेयरहाउस को सालभर पहले अनियमितताओं के चलते ब्लैकलिस्ट किया गया था, उसे दोबारा भंडारण की अनुमति कैसे मिल गई? आरोप है कि वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे, जो पिछली जांच टीम में भी शामिल थे, उन्होंने ही दोबारा हरी झंडी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विपणन अधिकारी अनिल जैन की शिकायत पर माखननगर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
पुलिस ने वेयरहाउस संचालक तारेश पुरोहित, तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्याम होसले और जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे को धोखाधड़ी और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का आरोपी बनाया है। कार्रवाई की भनक लगते ही मुख्य आरोपी संचालक तारेश पुरोहित ‘हार्टकेयर अस्पताल’ में भर्ती हो गए हैं। नर्मदापुरम एसपी साई कृष्णा थोटा के मुताबिक, पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ और मामले की गहन विवेचना में जुट गई है।
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