
इंदौर। लोक अदालत (Public Court) में पूरे प्रदेश (state) में नगर निगमों (municipal corporation) द्वारा जितनी कमाई की गई, उससे ज्यादा कमाई अकेले इंदौर (Indore) नगर निगम ने की है। इसके बावजूद लक्ष्य का मुकाबला करने में इंदौर रतलाम के बाद दूसरे स्थान पर रहा है।
पिछले दिनों आयोजित की गई लोक अदालत में पूरे प्रदेश में ही बकाया राशि जमा करने पर नागरिकों को एक समान छूट जुर्माना और ब्याज में दी गई थी। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी नगर निगम को इस लोक अदालत में राशि की वसूली करने के लिए लक्ष्य दिया गया था। लोक अदालत के माध्यम से पूरे प्रदेश के सभी नगरीय निकाय ने मिलाकर 192.57 करोड़ रुपए की वसूली की है। प्रदेश के 16 नगर निगम द्वारा 155.73 करोड़ रुपए की राशि वसूल की गई है। इसमें से संपत्ति कर के रूप में 137.42 करोड़ रुपए, जबकि जल कर के रूप में 18.42 करोड़ रुपए वसूल किए गए हैं। इसमें अकेले इंदौर नगर निगम की वसूली 95.59 करोड रुपए की रही है। इसमें संपत्ति कर के 87.58 करोड़ एवं जल कर के 8.01 करोड़ रुपए रहे है। पूरे प्रदेश में टैक्स की इस वसूली में दूसरे स्थान पर भोपाल रहा है। जहां पर की संपत्ति कर के रूप में 12.07 करोड रुपए और जल कर के रूप में 4.04 करोड रुपए की वसूली हुई है। राज्य सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग के द्वारा जारी की गई विस्तृत जानकारी में कहा गया है कि सभी नगर निगम को लोक अदालत में टैक्स की राशि वसूल करने के लिए लक्ष्य दिया गया था। इस लक्ष्य का पालन करने में पूरे प्रदेश में रतलाम नगर निगम पहले स्थान पर रहा है। वहां पर 2.1 करोड रुपए की वसूली हुई है। इस लक्ष्य के मुकाबले में इंदौर दूसरे स्थान पर रहा है।
नगर पंचायत में राऊ नंबर एक, बेटमा नंबर चार पर
सरकार द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार प्रदेशभर की नगर पंचायत में लोक अदालत पर टैक्स की वसूली करने के मामले में इंदौर की राऊ नगर पंचायत नंबर एक पर रही है। राऊ नगर पंचायत के द्वारा संपत्ति कर के 57.27 और जल कर के 12.35 लाख रुपए वसूल किए गए हैं। इस तरह लोक अदालत के दिन राऊ पंचायत की कमाई 65.07 लाख रही है। इंदौर जिले की ही बेटमा पंचायत पूर्व प्रदेश में राजस्व संग्रहण में चौथे स्थान पर रही है। इस पंचायत की कुल कमाई 17.68 लाख रुपए रही है। इसमें संपत्ति कर 14.67 लाख एवं जल कर 3 लाख रहा है।
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