
नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) के अनुसार अगस्त 2026 का पहला सप्ताह कई महत्वपूर्ण ग्रह-स्थितियों के कारण खास माना जा रहा है। इस दौरान चंद्रमा (Moon) की चाल से विष योग (Visha Yoga) और ग्रहण योग (Grahana Yoga) जैसे अशुभ संयोग बनने की संभावना है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक इन योगों का असर सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ सकता है, जबकि तीन राशियों के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
क्या है विष योग और ग्रहण योग?
ज्योतिष शास्त्र में जब चंद्रमा का संबंध शनि जैसे क्रूर ग्रह से बनता है, तब विष योग का निर्माण माना जाता है। यह योग मानसिक तनाव, निर्णय लेने में कठिनाई, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और कार्यों में बाधा का कारण माना जाता है। वहीं, चंद्रमा के राहु या केतु के प्रभाव में आने से ग्रहण योग बनता है, जिसे भी शुभ नहीं माना जाता।
इन 3 राशियों पर रहेगा अधिक प्रभाव
मिथुन राशि
अगस्त का पहला सप्ताह मानसिक तनाव और चिड़चिड़ेपन का कारण बन सकता है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयम बनाए रखने की जरूरत होगी। व्यापार में जोखिम भरे फैसलों से बचें। स्वास्थ्य के लिहाज से सिरदर्द या पेट संबंधी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं।
वृश्चिक राशि
इस राशि के जातकों के लिए अनावश्यक खर्च बढ़ने की संभावना है। पारिवारिक मामलों में विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। कानूनी मामलों में देरी हो सकती है और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मीन राशि
मीन राशि वालों के बनते हुए कार्यों में रुकावट आ सकती है, जिससे मानसिक दबाव बढ़ सकता है। विरोधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने की जरूरत होगी। निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना बेहतर रहेगा।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सुझाए गए उपाय
– भगवान शिव की आराधना कर शिवलिंग पर जल अर्पित करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
– शनिवार को जरूरतमंदों को काला वस्त्र, उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान करना शुभ माना गया है।
– इस अवधि में बड़े आर्थिक निवेश, संपत्ति से जुड़े फैसले या महत्वपूर्ण निर्णय जल्दबाजी में लेने से बचें और अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें।
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