
जयपुर । कांग्रेस नेता सचिन पायलट (Congress leader Sachin Pilot) ने कहा कि सरकार (Government) जनभावनाओं से दूर हो चुकी है (Has become Disconnected from Public Sentiment) ।
सचिन पायलट ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि व्यवस्था को लेकर लोगों में विश्वास पैदा नहीं हो पा रहा है। मुझे खेद है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में भाजपा के सांसदों की ओर से उनका सत्कार और नारेबाजी की गई, जैसे कोई बड़ा किला फतह कर लियो हो। पूरे देश का दबाव बना और पूरा विपक्ष उनके पीछे पड़ा तब जाकर उन्होंने इस्तीफा दिया। इस्तीफे के बाद संसद में उनका महिमामंडन किया गया। इससे पता चलता है कि सरकार जनभावनाओं से दूर हो चुकी है। बार-बार वीडियो पारित करके विश्वास नहीं जीत पाएंगे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सचिन पायलट ने कहा, “छात्रों की ओर से मांग की जा रही है कि छात्रसंघ चुनाव कराए जाने चाहिए। सरकार को भी अपनी सोच बदलनी चाहिए और नौजवानों को मौका मिलना चाहिए। मैं चुनाव कराए जाने का हमेशा पक्षधर रहा हूं। हालांकि सरकार न तो पंचायत, न नगर पालिका और न ही छात्र संघ, कोई चुनाव नहीं कराना चाहती है। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार को पंचायत और नगर निकाय के चुनाव कराने पड़ रहे हैं।
सचिन पायलट ने कहा कि आधे से ज्यादा का कार्यकाल पूरा हो गया है। सरकार को कड़वे सवालों का जवाब देना पड़ेगा। विधानसभा में विपक्ष की ओर से सरकार को घेरने का काम किया जाएगा। बीते कुछ महीनों जिस तरह से प्रदेश के हालात रहे, उससे यही लग रहा है कि सरकार पूरी तरह से फेल है। इतनी जल्द सरकार का इकबाल खत्म हो गया है, ऐसा पहली बार है। जिस उम्मीद से सरकार बनी थी, हालात ऐसे हैं कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंचायत और नगर निकाय के चुनाव कराने पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले भी विपक्ष के नेता रहे हैं, कांग्रेस की ओर से उनको सम्मान दिया गया और उनको बोलने का मौका दिया गया। राहुल गांधी की बातों पर जवाब देने के बजाय शोर मचाना, लोकतांत्रित व्यवस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं है। राहुल गांधी की बातों के दबाव में सरकार बैकफुट पर आती है। सरकार से न तो राहुल गांधी डरने वाले हैं और न तो कांग्रेस पार्टी डरने वाली है।
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