img-fluid

देश की अदालतों में 5 करोड़ से ज्यादा मुकदमे लंबित, इलाहाबाद हाईकोर्ट पर सबसे ज्यादा बोझ; संसद में सरकार ने दिए आंकड़े

August 03, 2026

नई दिल्ली। देश की न्याय व्यवस्था (Judicial system) पर लंबित मामलों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट (Supreme Court, High Court) और जिला अदालतों को मिलाकर देशभर में 5 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं। इनमें हजारों ऐसे मुकदमे भी शामिल हैं, जो दो से तीन दशक से अधिक समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

राज्यसभा में सांसद दिलीप कुमार राय के प्रश्न के लिखित उत्तर में कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड (NJDG) के आंकड़ों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।


  • सुप्रीम कोर्ट में 30 साल से लंबित हैं 26 मामले

    28 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश की सर्वोच्च अदालत में 95,936 मामले लंबित हैं। इनमें कई ऐसे मुकदमे हैं, जिनका निस्तारण दशकों से नहीं हो पाया है।

    सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों का विवरण इस प्रकार है:

    • 30 वर्ष से अधिक पुराने: 26 मामले
    • 20 से 30 वर्ष पुराने: 558 मामले
    • 10 वर्ष से अधिक पुराने: 10,094 मामले
    • 5 वर्ष से अधिक पुराने: 24,611 मामले
    • 1 वर्ष से अधिक पुराने: 49,248 मामले

    हाईकोर्टों में 63.76 लाख मामले लंबित

    देश के 25 हाईकोर्टों में कुल 63.76 लाख मामले लंबित हैं। इनमें:

    • 30 वर्ष से अधिक पुराने: 80,634 मामले
    • 20 वर्ष से अधिक पुराने: 4.51 लाख से ज्यादा मामले
    • 10 वर्ष से अधिक पुराने: 16 लाख से अधिक मामले

    इलाहाबाद हाईकोर्ट पर सबसे अधिक बोझ

    लंबित मामलों की संख्या के लिहाज से इलाहाबाद हाईकोर्ट देश में पहले स्थान पर है। यहां कुल 12.28 लाख मुकदमे लंबित हैं।

    इनमें:

    • 30 वर्ष से अधिक पुराने: 53,787 मामले
    • 20 वर्ष से अधिक पुराने: 1.61 लाख मामले
    • 10 वर्ष से अधिक पुराने: 4.88 लाख मामले

    इसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट का स्थान आता है, जहां 30 वर्ष से अधिक पुराने 11,417 मामले लंबित हैं।

    अन्य प्रमुख हाईकोर्टों की स्थिति:

    • राजस्थान हाईकोर्ट: 6.96 लाख लंबित मामले
    • बॉम्बे हाईकोर्ट: 6.57 लाख लंबित मामले (30 वर्ष से अधिक पुराने 3,901)
    • मद्रास हाईकोर्ट: 5.67 लाख लंबित मामले (30 वर्ष से अधिक पुराने 3,118)
    • पटना हाईकोर्ट: 30 वर्ष से अधिक पुराने 3,513 मामले

    निचली अदालतों में सबसे ज्यादा लंबित मुकदमे

    देश की जिला और अधीनस्थ अदालतों में लंबित मामलों की संख्या सबसे अधिक है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार यहां 4.98 करोड़ से ज्यादा मुकदमे लंबित हैं।

    इनमें 81,275 मामले ऐसे हैं, जो 30 वर्ष से अधिक समय से न्याय का इंतजार कर रहे हैं।

    न्याय व्यवस्था पर बढ़ता दबाव

    संसद में पेश किए गए आंकड़े बताते हैं कि न्यायपालिका पर लंबित मामलों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट से लेकर जिला अदालतों तक करोड़ों मुकदमे लंबित होने के कारण न्याय मिलने में वर्षों का समय लग रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने, न्यायिक ढांचे को मजबूत करने, डिजिटल प्रणाली के विस्तार और वैकल्पिक विवाद निपटान तंत्र को बढ़ावा देने जैसे कदम लंबित मामलों के बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    Share:

  • ईरान पर ट्रंप के बदलते रुख से खाड़ी देशों की बढ़ी चिंता, अमेरिका से मांगी अतिरिक्त सुरक्षा; इजरायल भी सतर्क

    Mon Aug 3 , 2026
    वॉशिंगटन/तेहरान। ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के हालिया बयानों और सैन्य रणनीति में आए बदलाव ने पश्चिम एशिया की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया कि अमेरिका ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला करने के लिए तैयार था, लेकिन सऊदी अरब, संयुक्त […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved