
730 एकड़ पर दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया और सुनवाई के बाद अब नोटिफिकेशन की तैयारी
इंदौर। सालों से लम्बित रेसीडेंसी एरिया (Residency Area ) की जमीनों (Lands) का राजस्व रिकॉर्ड (Revenue records) तैयार करने की कवायद चल रही है। ड्रोन सर्वे (Drone Survey) के बाद लगभग 730 एकड़ जमीन जो पूर्व में नजूल घोषित की जा चुकी है, उसका प्रकाशन करने के बाद दावे-आपत्तियां और काबिज लोगों से दस्तावेज बुलवाए गए। इनमें से अभी भी कई लोगों ने दस्तावेज नहीं दिए हैं। वहीं शासन ने भी इंदौर प्रशासन को इस पर निर्णय लेने के अधिकार दे दिए हैं, जिसके चलते कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर अब नोटिफिकेशन की तैयारी की जा रही है। जूनी इंदौर एसडीएम घनश्याम धनगर के मुताबिक सरकारी के साथ-साथ दस्तावेजों के आधार पर निजी जमीनें भी घोषित की जाएंगी।
रेसीडेंसी एरिया में रेडियो कॉलोनी सहित रेसीडेंसी का तो पूरा क्षेत्र आता ही है, वहीं धार कोठी, रतलाम, कोठी, श्यामाचरण शुक्ल नगर, अहिल्या नगर, संवाद नगर से लेकर रतलाम और राजगढ़ कोठी तक का क्षेत्रफल शामिल है। हालांकि पहले डेली कॉलेज को भी शामिल कर लिया था, मगर बाद में दस्तावेजों के आधार पर उसे इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया। वर्तमान में 730 एकड़ का सर्वे करने के बाद काबिज सरकारी और निजी सम्पत्तियों की सूची बनाने के बाद उसकी विज्ञप्ति प्रकाशित कराई गई, जिसके आधार पर दावे-आपत्तियां भी आमंत्रित की गई और कुछ महीने पूर्व सुनवाई भी की गई। वहीं शासन को भी इस बारे में पत्र लिखा गया था। मगर भोपाल से यह जवाब आया कि इस पर निर्णय लेने में प्रशासन यानी इंदौर कलेक्टर ही सक्षम है, जिसके चलते सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब नोटिफिकेशन की तैयारी की जा रही है। तहसीलदार कमलेश कुशवाह के मुताबिक अभी भी कई सम्पत्ति मालिकों ने अपने दस्तावेज नहीं सौंपे हैं और जो दावे-आपत्तियां के साथ दस्तावेज मिले थे उनका भी परीक्षण कर लिया है।
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