
नई दिल्ली । निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (Independent MP Pappu Yadav) ने कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप आधारहीन है (Allegations leveled against him are Baseless) ।
बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सोमवार को संसद परिसर के अंदर एक विरोध-प्रदर्शन में अपनी भागीदारी का बचाव किया। उन्होंने उन आरोपों पर सवाल उठाए जिनमें कहा गया था कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी को उजागर करने वाले एक नाटक के दौरान भगवा वस्त्र पहनकर उन्होंने संतों या सनातन धर्म का अपमान किया था। पप्पू यादव ने कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोपों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि इसमें अपमान की क्या बात है? मैंने न तो किसी को अपशब्द कहे और न ही किसी के खिलाफ कुछ बोला। मैंने न तो किसी संत का नाम लिया और न ही किसी राजनीतिक दल का जिक्र किया। जब मैंने भाजपा या आरएसएस का नाम ही नहीं लिया, तो पप्पू यादव ने क्या गलती की? पूरा विपक्ष सरकार के खिलाफ कई मुद्दों पर लड़ रहा है। पप्पू यादव जैसे अकेले व्यक्ति को निशाना बनाकर किसी को क्या फायदा होगा?
सांसद ने यह भी कहा कि इस विवाद के बाद उन्हें धमकियां मिल रही हैं और डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं किस साजिश की बात करूं? वे खुलेआम कह रहे हैं कि वे मुझे मार डालेंगे। दो रात पहले, एक घर पर हमला हुआ जहां बच्चे मौजूद थे। इसमें क्या साजिश है? सब कुछ खुलेआम हो रहा है। हर तरफ, कुछ तथाकथित संत और गुंडे कह रहे हैं, ‘इसे जला दो।’ क्या कोई सच्चा संत कभी ऐसी बात कहेगा? जैसे पहले शंकराचार्यों पर हमले हुए थे, वैसे ही हमले अब भी हो रहे हैं। सासंद ने आगे आरोप लगाया कि उन्हें अनजान लोगों से धमकियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि मुझे जान से मारने की धमकी देने वाली इंटरनेशनल कॉल आ रही हैं। वे बार-बार कह रहे हैं कि वे मुझे मार डालेंगे। यह बयान संसद परिसर में मकर द्वार के सामने शुक्रवार को विपक्षी सांसदों द्वारा किए गए एक नाटक को लेकर मचे राजनीतिक और कानूनी विवाद के बीच आया है। इस नाटक का मकसद अयोध्या में राम मंदिर के लिए दिए गए दान में कथित हेराफेरी का विरोध करना था।
इस नाटक के दौरान, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी सांसदों को दान पेटी में पैसे डालते हुए देखा गया। गेरुआ कपड़े पहने पप्पू यादव ने राम मंदिर के दान में कथित चोरी को दिखाने के लिए सांकेतिक रूप से पैसे अपनी जेब में डाले। फैजाबाद (अयोध्या) से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद, शनिवार को वाराणसी के कोतवाली पुलिस स्टेशन में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। वाराणसी पुलिस के अनुसार, यह शिकायत कई साधुओं ने दर्ज कराई थी, जिनका आरोप था कि इस नाटक से सनातन धर्म का अपमान हुआ और धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
पुलिस उपायुक्त (काशी जोन) गौरव बंसवाल ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 196, 299, 302 और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इस विरोध प्रदर्शन के कारण कई शहरों में विभिन्न हिंदू संगठनों ने भी प्रदर्शन किए। भोपाल में, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए और व्यापमं चौराहे से लिंक रोड तक मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर मार्च को रोक दिया और जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की तो थोड़ी धक्का-मुक्की भी हुई। इस बीच, रविवार को पप्पू यादव के आवास पर हुई एक घटना के संबंध में दिल्ली पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 221, 121(1), 132 और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है और आगे की जांच चल रही है।
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