
वॉशिंगटन। अमेरिका (America) अब रूस (Russia) पर कड़े प्रतिबंध लगाने की दिशा में ठोस पहल कर सकता है। सीनेट (Senate) में लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham) की तरफ से शुरू किया गया अभियान आज अंजाम तक पहुंच गया। ये बड़ी सफलता इसलिए भी है क्योंकि अपने जीवनकाल में रूस पर प्रतिबंध से जुड़ा बिल पारित कराने का प्रयास करने वाले ग्राहम अब इस दुनिया में नहीं हैं, और सीनेट में विधेयक को 86-11 के बहुमत से मंजूरी मिली है। माना जा रहा है कि रूस पर प्रतिबंध लगने से यूक्रेन को लाभ मिलेगा। विधेयक में शुल्क भाषा बदलने के लिए एक संशोधन भी पेश किया गया। हालांकि, मतदान के बाद इसे पारित नहीं कराया जा सका। सीनेटर राफेल वार्नॉक ने एक संशोधन का प्रस्ताव रखा था, जिसे ग्रीर के लिखित वादे के बाद वापस ले लिया गया। ब्लुमेंथल ने अपने सहयोगियों की चिंताओं का खंडन करते हुए कहा कि शुल्क लगाने का अधिकार ‘बारीकी से तैयार और सीमित’ है।
क्या अब पुतिन पर दबाव बनाएगा अमेरिका?
दरअसल, अमेरिका ने बीते साढ़े चार वर्ष से जारी संघर्ष के दौरान रूस पर नकेल कसने के कई प्रयास किए हैं। ट्रंप प्रशासन यूक्रेन की अक्सर मदद करता रहा है। ऐसे में अब सीनेट से बिल को मिली स्वीकृति के बाद रूस को कितना नुकसान और यूक्रेन को कितना लाभ होगा, ये देखना बेहद दिलचस्प होगा। एक सूचना के मुताबिक अमेरिकी सीनेट में शुक्रवार दोपहर (स्थानीय समय) भारी बहुमत से जिस विधेयक को मंजूरी मिली है, इसका मकसद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाना है।
ग्राहम का लंबा अभियान, यूक्रेन को लेकर क्या रूख?
रूस पर कड़े प्रतिबंध संबंधी नियम के लिए सीनेटर लिंडसे ग्राहम एक साल से अधिक समय से अभियान चला रहे थे। उन्होंने मुखरता से इस बात का समर्थन किया था कि अमेरिका को यूक्रेन का मजबूती से समर्थन करना चाहिए। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, यह द्विदलीय विधेयक (bipartisan legislation) सीनेट से 86-11 के बहुमत से पारित हुआ। इसमें उन देशों को दंडित करने का प्रस्ताव है जो रूस से तेल, गैस जैसी चीजों का व्यापार करते हैं। अन्य वस्तुओं का निर्यात जारी रखने पर भी दंड का प्रस्ताव किया गया है।
सीनेट में लिंडसे ग्राहम की विरासत को सम्मान
अमेरिकी सीनेट ने जिस विधेयक पर मुहर लगाई है, इसका नाम दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया है। ग्राहम ने इस कानून पर एक साल से अधिक समय तक चली कठिन बातचीत में अहम भूमिका निभाई थी। अब इस विधेयक को प्रतिनिधि सभा (कांग्रेस) में मतदान के लिए भेजा जाएगा। फिलहाल यूएस कांग्रेस सितंबर तक अवकाश पर है।
किस आधार पर विधेयक का विरोध हुआ?
डेमोक्रेट और कुछ रिपब्लिकन ट्रंप को आयात पर टैरिफ लगाने का व्यापक अधिकार देने से हिचकिचा रहे थे। ऐसा इसलिए क्योंकि बीते कुछ हफ्ते अमेरिका वस्तुओं की कीमतें बढ़ने और महंगाई की मार से भी जूझता रहा है। ट्रंप को अधिकार देने से परहेज करते हुए सीनेटर्स ने मुद्रास्फीति और अमेरिकियों के दैनिक जीवनयापन में अधिक खर्च का जिक्र किया। बिल के खिलाफ मतदान करने वाले ज्यादातर सीनेटर प्रगतिशील डेमोक्रेट रहे।
सीनेट से पारित विधेयक कितना असरदार?
– रूसी सरकार के शीर्ष अधिकारियों पर अनिवार्य प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इनमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हैं।
– रूसी वित्तीय संस्थानों और रूसी ऊर्जा परियोजनाओं पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी।
– रूसी कुलीन वर्ग, सरकारी उद्यम और रूस के रक्षा उद्योग का समर्थन करने वाली विदेशी कंपनियां भी दायरे में होंगी।
– रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों पर 100 फीसदी तक का शुल्क लगाएगा। इन देशों में चीन और भारत भी शामिल हैं।
– शुल्क का स्तर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर तय करेंगे।
– विधेयक में राष्ट्रपति के लिए छूट देने का अधिकार भी शामिल, इसके तहत व्हाइट हाउस के पास प्रतिबंधों या पाबंदियों को माफ करने का अधिकार।
– माफी के लिए राष्ट्रपति को कांग्रेस में प्रमाणित करना होगा कि छूट राष्ट्रीय हित में है।
– उन देशों को छूट मिलेगी जो रूस के कुल प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 फीसदी से कम आयात करते हैं। उन्हें भी छूट मिलेगी जो देश जो रूसी प्राकृतिक गैस के उपयोग को कम करने के लिए काम कर रहे हैं।
विधेयक के साथ ग्राहम की इतनी चर्चा क्यों?
दरअसल, अपनी मृत्यु से एक दिन पहले, ग्राहम ने यूक्रेन की राजधानी कीव की सड़कों पर टैंकों के सामने खड़े होकर बताया था कि प्रशासन और विधेयक के प्रमुख सीनेट समर्थकों के बीच समझौता हो गया है। जुलाई के दूसरे सप्ताह में उनके निधन के बाद, उनके सहयोगियों ने विधेयक पारित कराने के लिए एकजुटता दिखाई। उन्होंने इसे सीनेटर-राजनेता के लिए ‘उपयुक्त विरासत’ बताया। सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के अध्यक्ष रोजर विकर ने ग्राहम की मृत्यु के तुरंत बाद कहा था। मैं इस व्यक्ति को 32 साल से जानता हूं। यह लिंडसे ग्राहम की सबसे बड़ी उपलब्धि है। विधेयक के प्रमुख डेमोक्रेट सह-प्रायोजक सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंथल ने कहा कि ग्राहम ने कभी इस विधेयक को नहीं छोड़ा, भले ही वे राष्ट्रपति से निराश थे।
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