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टी20 के दौर में भी 29 साल से कायम है 952 रन का टेस्ट रिकॉर्ड, क्या अब 1000 का आंकड़ा पार करेगी कोई टीम

August 13, 2026

नई दिल्ली ।टी20 (T20) क्रिकेट के दौर में बल्लेबाजी (Batting) का अंदाज पूरी तरह बदल चुका है। पावर हिटिंग, आक्रामक शॉट और तेज रन गति अब आधुनिक क्रिकेट की पहचान बन चुके हैं। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) में 29 साल पुराना एक ऐसा रिकॉर्ड मौजूद है, जिसे आज तक कोई टीम नहीं तोड़ सकी है। श्रीलंका (Sri Lanka) का 952 रन का स्कोर अब भी टेस्ट इतिहास (Test History) में किसी टीम की एक पारी का सर्वोच्च स्कोर है।

यह रिकॉर्ड अगस्त 1997 में भारत के खिलाफ कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में बनाया गया था। उस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 537 रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर ने 143, मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 126 और नवजोत सिंह सिद्धू ने 111 रन की पारियां खेलीं। इसके बाद श्रीलंका ने ऐसा जवाब दिया, जिसने टेस्ट क्रिकेट के रिकॉर्ड की तस्वीर बदल दी।

श्रीलंका की बल्लेबाजी शुरू होने के बाद विकेट गिरने के बजाय लगातार रन जुड़ते गए। टीम ने 271 ओवर बल्लेबाजी की और छह विकेट के नुकसान पर 952 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। इस दौरान सनत जयसूर्या ने 340 रन की विशाल पारी खेली। उन्होंने 578 गेंदों का सामना किया और 36 चौके तथा दो छक्के लगाए।

जयसूर्या को रोशन महानामा का शानदार साथ मिला। महानामा ने 561 गेंदों पर 225 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन की साझेदारी की, जो आज भी टेस्ट क्रिकेट में इस विकेट के लिए विश्व रिकॉर्ड है। इस साझेदारी ने श्रीलंका के विशाल स्कोर की नींव रखी और मुकाबले को रिकॉर्ड बुक में विशेष स्थान दिलाया।

श्रीलंका की पारी में अरविंद डी सिल्वा ने भी 126 रन का योगदान दिया। बाद में 2006 में कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे विकेट के लिए 624 रन जोड़कर टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया। इसके बावजूद श्रीलंका का 952 रन का टीम स्कोर अब भी सर्वोच्च बना हुआ है।

दिलचस्प बात यह है कि 1997 से 2026 तक क्रिकेट में बड़ा बदलाव आया है। टी20 क्रिकेट के कारण बल्लेबाजों की रन बनाने की गति बढ़ी है। आधुनिक खिलाड़ी तेजी से रन बनाने के साथ लंबे समय तक बल्लेबाजी करने की क्षमता भी रखते हैं। इसके बावजूद टेस्ट मैच में 1000 रन तक पहुंचना केवल आक्रामक बल्लेबाजी से संभव नहीं है।

किसी टीम को 1000 रन तक पहुंचने के लिए बेहद सपाट पिच, लंबे समय तक अनुकूल बल्लेबाजी परिस्थितियां और कई बड़ी साझेदारियों की जरूरत होगी। इसके अलावा विपक्षी गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखना होगा। कप्तान के सामने एक रणनीतिक चुनौती भी होगी, क्योंकि बहुत देर तक बल्लेबाजी करने से मैच जीतने के लिए उपलब्ध समय कम हो सकता है।

2024 में इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ 823 रन पर सात विकेट खोकर पारी घोषित की थी। यह आधुनिक दौर में किसी टीम के 952 के रिकॉर्ड के करीब पहुंचने के प्रमुख उदाहरणों में शामिल है। हालांकि इसके बाद भी 1000 रन की सीमा पार नहीं हुई।


  • इस तरह टी20 क्रिकेट ने बल्लेबाजी को भले ही अधिक आक्रामक बना दिया हो, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में 952 रन का शिखर अब भी कायम है। श्रीलंका का यह रिकॉर्ड 29 साल पूरे कर चुका है और 1000 रन का आंकड़ा अभी भी क्रिकेट की रिकॉर्ड बुक में अनछुआ है। आने वाले वर्षों में अगर कोई टीम इस सीमा तक पहुंचती है, तो वह टेस्ट क्रिकेट की सबसे असाधारण बल्लेबाजी उपलब्धियों में शामिल होगी।

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