
उज्जैन। त्यौहारों पर उज्जैन से मुंबई, पुणे और दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेनों में कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो गया है। प्रमुख ट्रेनों में अभी से स्लीपर और थर्ड एसी की सीटों पर लंबी वेटिंग चल रही है। सबसे ज्यादा दबाव मुंबई रूट की अवंतिका एक्सप्रेस में है, जहां 26 अगस्त की यात्रा के लिए स्लीपर की वेटिंग करीब 490 तक पहुंच गई है। इसके अलावा इंदौर-दौंड और इंदौर-दिल्ली एक्सप्रेस में भी कई तारीखों पर वेटिंग बढ़ती जा रही है।
दिल्ली रूट पर भी दबाव
इंदौर-दिल्ली एक्सप्रेस में 26 अगस्त की यात्रा के लिए स्लीपर में 120 और थर्ड एसी में 30 की वेटिंग चल रही है। यानी मुंबई के साथ दिल्ली रूट पर भी सीटों की मांग उपलब्ध क्षमता से अधिक बनी हुई है।
सितंबर तक बनी हुई है वेटिंग
सीटों की कमी केवल अगस्त की तारीखों तक सीमित नहीं है। सितंबर के शुरुआती दिनों में भी अवंतिका एक्सप्रेस में वेटिंग दिखाई दे रही है। 2 सितंबर को स्लीपर में 42 और थर्ड एसी में 31 की वेटिंग है, जबकि 3 सितंबर को स्लीपर की वेटिंग बढ़कर 55 तक पहुंच गई है।
फेरे बढ़ाने की जरूरत
रेलवे की ओर से अलग-अलग रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती हैं, लेकिन यात्रियों की मांग है कि इंदौर से चलने वाली प्रमुख ट्रेनों के नियमित फेरे बढ़ाए जाएं। खासकर मुंबई, दौंड और दिल्ली रूट पर मौजूदा ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाने या फेरे बढ़ाने से कन्फर्म सीट की समस्या कम हो सकती है। अभी लंबी वेटिंग के कारण यात्रियों को या तो पहले से टिकट बुक करना पड़ रहा है या फिर वैकल्पिक ट्रेनों और मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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