
- जरूरतमंद बच्चों की सहायता गोपनीयता के साथ होगी
उज्जैन। कुपोषण की समस्या तमाम उपायों के बावजूद दूर नहीं हो पाई और अब इसके लिए डिजिटल रिकॉर्ड की मदद ली जा रही है और भावनी के नाम से एक नया पोर्टल बनाया गया, जिसमें दावा किया गया कि कुपोषित बच्चों तक सहायता पहुंचाने, उनकी पोषण स्थिति पर निगरानी, मॉनिटरिंग आसान रहेगी।
भावनी पोर्टल पर महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रणालियों से सत्यापित बाल आंकड़े प्राप्त किए जाते हैं। बच्चों की निजता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी व्यक्तिगत पहचान सार्वजनिक नहीं की जाती। पोर्टल पर बच्चों की जानकारी अनाम रूप में प्रदर्शित होती है, ताकि जरूरतमंद बच्चे तक सहायता पहुंचने के साथ उसकी गोपनीयता भी सुरक्षित रहे। भावनी पोर्टल पर मार्गदर्शक समग्र पहचान क्रमांक के साथ अथवा उसके बिना पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के बाद वे अपने क्षेत्र में उपलब्ध बच्चों की सूची देख सकते हैं और बच्चे की पोषण स्थिति तथा आवश्यकता के अनुसार उसका चयन कर सकते हैं। सहायता का प्रकार, कितनी बार सहायता दी जाएगी और सहायता से संबंधित अन्य विवरण दर्ज करने के बाद संबंधित बच्चे के लिए विशिष्ट सहायता पहचान क्रमांक तैयार होता है। इस व्यवस्था से सहायता को सामान्य रूप से वितरित करने के बजाय बच्चे की वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप लक्षित किया जा सकता है। इससे सहयोग करने वाले व्यक्ति या संस्था को भी यह स्पष्ट रहता है कि सहायता किस उद्देश्य से और किस प्रकार उपलब्ध कराई जा रही है। भावनी पोर्टल की विशेषता यह है कि इसमें सहायता उपलब्ध कराने के बाद प्रक्रिया समाप्त नहीं होती।