
उज्जैन। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत 21 अगस्त को बडऩगर विकासखंड में विशेष भ्रमण और निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और लंबित शिकायतों व आवेदनों के निराकरण की स्थिति देखेंगे। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह चिन्हित स्थान पर अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना और लोक सेवाओं से जुड़ी शिकायतों का समय पर निराकरण करना है। जिला प्रशासन ने सभी विभागों के जिला प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ 21 अगस्त से पहले बडऩगर विकासखंड के सभी गांवों का भ्रमण करें और शिकायतों तथा आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करें। अभियान में सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई की लंबित शिकायतों के साथ लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों की समीक्षा होगी। नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे भूमि संबंधी मामलों के अलावा न्यायालय के आदेश के बावजूद राजस्व रिकॉर्ड में अमल नहीं हुए प्रकरण भी जांचे जाएंगे। इसके अलावा पात्र किसानों की फार्मर आईडी, आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी की ई-केवाईसी और आधार कार्ड बनाने या अपडेट करने की स्थिति देखी जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र परिवारों को आवास मिला या नहीं, जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल की स्थिति और पानी की टंकियों की स्थिति भी जांची जाएगी। अधिकारी आंगनवाडिय़ों में बच्चों के वजन और ऊंचाई की जांच करेंगे। स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता देखी जाएगी। स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता की भी समीक्षा होगी। खाद-बीज की उपलब्धता, राशन दुकानों की व्यवस्था और लोगों से फीडबैक लिया जाएगा। सड़क, तालाब, अमृत सरोवर और कुएं जैसी सरकारी परिसंपत्तियों का भी निरीक्षण किया जाएगा। आईटीआई, तहसील, कृषि उपज मंडी, पुलिस थाना, लोक सेवा केंद्र और छात्रावासों का निरीक्षण किया जाएगा। खाद-बीज दुकानों, गैस गोदामों और पेट्रोल पंपों की व्यवस्थाएं भी जांची जाएंगी। सार्वजनिक व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की समीक्षा के साथ सामाजिक सुरक्षा और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुँच रहा है या नहीं, यह भी देखा जाएगा।
प्रशासन के अनुसार अभियान के तहत हर सप्ताह चिन्हित विकासखंड की समस्याओं और लंबित प्रकरणों की मॉनिटरिंग की जाएगी। गुरुवार को शिकायतों और आवेदनों का डेटा अपडेट होगा तथा अगले शुक्रवार को प्रगति की समीक्षा के आधार पर जिलों की रैंकिंग तय की जाएगी।