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आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में एकीकृत दृष्टिकोण समय की जरूरत – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

August 22, 2026


नोएडा । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में (In Modern Healthcare System) एकीकृत दृष्टिकोण समय की जरूरत है (An integrated approach is the need of Hour) । राजनाथ सिंह ने शनिवार को नोएडा के सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र सभागार में महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के नए इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन किया।


  • इस मौके पर नोएडा सांसद डॉ. महेश शर्मा के साथ लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज भी उपस्थित रहीं। यह केंद्र उत्तर प्रदेश में कंपनी का पहला सेंटर है, जो दिल्ली और हरियाणा के बाद यूपी में अपने विस्तार की शुरुआत नोएडा से कर रही है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मेडिकल तकनीक ने अभूतपूर्व प्रगति की है। पहले जिन बीमारियों का पता लगाना काफी मुश्किल होता था, अब आधुनिक जांच तकनीकों के माध्यम से उनकी पहचान जल्द और अधिक सटीक तरीके से संभव हो पा रही है। अच्छी जांच व्यवस्था का उद्देश्य केवल बीमारी का पता लगाना नहीं, बल्कि मरीज को अनावश्यक जांच और गलत निदान से बचाना भी होना चाहिए।

    रक्षा मंत्री ने आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में एकीकृत दृष्टिकोण को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और अन्य जांच सुविधाएं एक ही केंद्र पर उपलब्ध होने से मरीजों को बार-बार अलग-अलग स्थानों पर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ती। साथ ही, डॉक्टरों को भी सभी जांच रिपोर्ट एक साथ मिल जाने से उपचार संबंधी निर्णय लेने में काफी आसानी होती है। उन्होंने मेडिकल साइंस और रक्षा क्षेत्र के बीच पुराने और महत्वपूर्ण संबंधों का भी जिक्र किया और कहा कि रेडियोलॉजी जैसी तकनीकों का विकास और उनका इस्तेमाल सैन्य क्षेत्र में भी अहम रहा है। अल्ट्रासोनोग्राफी जैसी तकनीकों का उपयोग सैनिकों की चिकित्सा जांच और युद्धक्षेत्र में घायल जवानों की स्थिति का आकलन करने में किया जाता रहा है। सैन्य क्षेत्र में मजबूत चिकित्सा व्यवस्था अत्यंत जरूरी है और भविष्य में मेडिकल विज्ञान को नई तकनीकों के साथ निरंतर जोड़ना होगा।

    रक्षा मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से करीब 45 करोड़ लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बनी है। उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों में करीब 5 करोड़ लोग स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आए हैं और लगभग 80 लाख लोगों को इसका सीधा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में जहां करीब 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर करीब 45 हो गई है। साथ ही, प्रदेश के करीब 75 जिलों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जो गुर्दा रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

    भविष्य की चुनौतियों की ओर इशारा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज युवा आबादी वाला देश है, लेकिन आने वाले दशकों में जनसंख्या की उम्र बढ़ेगी। वर्ष 2050 तक बुजुर्गों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, जिससे अस्पतालों पर दबाव बढ़ेगा। इससे निपटने के लिए बीमारी होने के बाद इलाज करने की बजाय प्रिवेंटिव हेल्थ केयर (रोग निवारण) को प्राथमिकता देना अत्यंत जरूरी है। बता दें कि महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के इस नए केंद्र में एआई आधारित अल्ट्रा-फास्ट 3.0 टेस्ला एमआरआई और 160-स्लाइस सीटी स्कैनर जैसी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। एक ही छत के नीचे रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, जीनोमिक्स और व्यक्तिगत स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं होने से नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

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