
नई दिल्ली ।डेरा सच्चा सौदा (Dera Sacha Sauda) प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह (Gurmeet Ram Rahim Singh) मंगलवार सुबह हरियाणा के रोहतक स्थित हाई सिक्योरिटी सुनारिया जेल (Sunaria Jail) से 21 दिन की फरलो पर बाहर आ गया। जेल से बाहर निकलते समय सुरक्षा के कड़े इंतजाम(Strict arrangements) किए गए थे। वह सुबह करीब 6 बजकर 5 मिनट पर जेल से बाहर निकला। इसके बाद उसके सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय (Dera Sacha Sauda Headquarters)() जाने की जानकारी सामने आई है।
राम रहीम की यह अस्थायी रिहाई इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि 2020 के बाद यह 17वीं बार है, जब वह पैरोल या फरलो के जरिए जेल से बाहर आया है। वह फिलहाल दो महिला अनुयायियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहा है। इसके अलावा उसे हत्या से जुड़े मामलों में भी दोषी ठहराया जा चुका है।
राम रहीम को अगस्त 2017 में दो महिला अनुयायियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद उसे सुनारिया जेल भेज दिया गया। बाद के वर्षों में उसे अन्य मामलों में भी सजा का सामना करना पड़ा। इनमें सिरसा के पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या का मामला भी शामिल रहा है।
ताजा फरलो से पहले राम रहीम को मई 2026 में 30 दिन की पैरोल मिली थी। यह अवधि पूरी होने के बाद वह 26 जून को सुनारिया जेल वापस पहुंचा था। अब करीब दो महीने के भीतर उसे फिर से अस्थायी रिहाई मिल गई है। इस बार फरलो की अवधि 21 दिन निर्धारित की गई है।
वर्ष 2026 में यह उसकी तीसरी अस्थायी रिहाई है। जनवरी में उसे 40 दिन की पैरोल मिली थी। इसके बाद मई में 30 दिन की पैरोल दी गई और अब अगस्त में 21 दिन की फरलो मंजूर हुई है। लगातार होने वाली इन रिहाइयों के कारण राम रहीम की पैरोल और फरलो लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
जेल रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2020 से राम रहीम को अलग-अलग मौकों पर अस्थायी रिहाई मिलती रही है। अक्टूबर 2020 में उसे एक दिन की रिहाई मिली थी। मई 2021 में मां से मिलने के लिए 12 घंटे की अनुमति दी गई। फरवरी 2022 में 21 दिन, जून में 30 दिन और अक्टूबर में 40 दिन की अस्थायी रिहाई हुई।
वर्ष 2023 में उसे जनवरी में 40 दिन, जुलाई में 30 दिन और नवंबर में 21 दिन की रिहाई मिली। वर्ष 2024 में जनवरी में 50 दिन, अगस्त में 21 दिन और अक्टूबर में 20 दिन की पैरोल या फरलो मिली। वर्ष 2025 में जनवरी में 30 दिन, अप्रैल में 21 दिन और अगस्त में 40 दिन की अस्थायी रिहाई दी गई।
राम रहीम की अस्थायी रिहाई हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स टेम्परेरी रिलीज एक्ट, 2022 के प्रावधानों के तहत होती है। नियमों के अनुसार पात्र कैदियों को निर्धारित शर्तों और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के आधार पर पैरोल या फरलो मिल सकती है। एक कैलेंडर वर्ष में पात्र कैदियों के लिए पैरोल और फरलो की निर्धारित सीमाएं भी तय हैं।
मंगलवार को 21 दिन की फरलो पर बाहर आने के बाद राम रहीम अब निर्धारित अवधि तक जेल से बाहर रहेगा। फरलो की अवधि पूरी होने के बाद उसे जेल प्रशासन के तय नियमों के अनुसार वापस सुनारिया जेल लौटना होगा।
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