ढाका। बांग्लादेश के रंगपुर (Rangpur, Bangladesh) में एक हिंदू परिवार (Hindu family) के चार सदस्यों की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्कूल शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे के शव शनिवार को उनके घर से बरामद किए गए थे। पुलिस ने मामले में गणपति के दो रिश्तेदारों मुग्धो दास और सिद्धार्थ दास को गिरफ्तार किया है, लेकिन स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
आरोप लगाया जा रहा है कि पुलिस कुछ साक्ष्यों को सामने नहीं ला रही और मामले में शामिल अन्य लोगों को बचाने की कोशिश हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक परिवार के सदस्यों की गला घोंटकर हत्या की गई। रिपोर्ट में महिलाओं के साथ दुष्कर्म का उल्लेख नहीं है।
इसी बीच स्थानीय मीडिया के एक स्टिंग ऑपरेशन में शवगृह के एक कर्मचारी ने महिलाओं के शवों से कथित तौर पर वीर्य मिलने का दावा किया। हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए दुष्कर्म के आरोप को फिलहाल पुष्ट तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता।
मामले को लेकर हिंदू संगठनों का कहना है कि फॉरेंसिक जांच और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं।
विवाद बढ़ने के बाद मामले की जांच पुलिस से हटाकर डिटेक्टिव ब्रांच को सौंप दी गई है। जांच एजेंसी अब हत्या की परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की नए सिरे से पड़ताल कर रही है।
हिंदू संगठनों का विरोध अभी भी जारी है। संगठनों ने गुरुवार को दुनिया के अलग-अलग देशों में बांग्लादेशी दूतावासों के बाहर प्रदर्शन करने की तैयारी की है।
द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक डिटेक्टिव ब्रांच का शुरुआती अनुमान है कि हत्या 20 और 21 अगस्त के बीच हुई।
जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर पड़ोसी की छत के रास्ते गणपति के घर की छत तक पहुंचे थे। वहां वे ‘काबा’ नामक नशीले पदार्थ का सेवन कर रहे थे। गणपति को छत पर किसी की मौजूदगी का पता चला तो वह वहां पहुंचे और आरोपियों से उनकी बहस हुई।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान आरोपियों ने गणपति के ही गमछे से उनका गला घोंट दिया।
छत से आवाज सुनकर गणपति की पत्नी वहां पहुंचीं। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी भी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद वे नीचे जाने लगे, जहां गणपति की बेटी दिखाई दी और उसकी भी हत्या कर दी गई।
नीचे एक कमरे में गणपति का छोटा बेटा प्रियम मिला। जांच के अनुसार, आरोपियों को आशंका थी कि प्रियम उन्हें पहचान सकता है। बताया गया है कि वह आरोपियों में से एक के भाई का दोस्त भी था। पहचान उजागर होने के डर से उसकी भी हत्या कर दी गई।
जांच के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी तुरंत घर से बाहर नहीं निकले। वे कथित तौर पर 6-7 घंटे तक घर के अंदर रहे। इस दौरान उन्होंने नशीला पदार्थ लिया और सबूत मिटाने की कोशिश की।
जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने प्रीतिलता की चूड़ियां जलाने का प्रयास किया, लेकिन वे पूरी तरह नहीं जल सकीं। इसके बाद उन्होंने फ्रिज से खाना निकाला और खाया। आरोपियों के काफी देर तक नहाने और फिर घर की बिजली काटने की बात भी जांच में सामने आई है।
इसके बाद घर से कीमती सामान लेकर दोनों वहां से फरार हो गए।
परिवार के लोगों का गुरुवार से ही गणपति और उनके परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। फोन बंद मिलने के बाद शनिवार को परिजन घर पहुंचे। मुख्य दरवाजा बंद मिलने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के पहुंचने के बाद घर के अलग-अलग हिस्सों से परिवार के चारों सदस्यों के शव बरामद किए गए।
गणपति के भतीजे ने हत्या के पीछे किसी बड़े गिरोह की भूमिका होने की आशंका जताई है। उसके मुताबिक, गणपति को घर बनाने के दौरान कुछ लोगों की ओर से परेशान किया जा रहा था। उन्होंने कथित तौर पर इस बारे में अपने भतीजे को बताया था।
भतीजे ने उन्हें कानूनी कार्रवाई की सलाह दी थी, लेकिन गणपति ने यह कहते हुए कदम नहीं उठाया कि उन्हें उसी इलाके में रहना है और वह किसी बड़े विवाद में नहीं पड़ना चाहते।
फिलहाल डिटेक्टिव ब्रांच मामले की जांच कर रही है। महिलाओं से दुष्कर्म के दावे, कथित छिपाए गए साक्ष्यों और किसी बड़े गिरोह की भूमिका जैसे आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved