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सोनिया गांधी की किताब पर पेंगुइन ने खींचे हाथ, जानिए किस हिस्से पर अटकी बात

August 28, 2026

नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) की बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘Belonging: A Journey of Love’ के भारतीय संस्करण के प्रकाशन से पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (Penguin Random House India) ने इनकार कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रकाशक पांडुलिपि के एक हिस्से में संपादकीय बदलाव करने और कुछ अंश हटाने के पक्ष में था, लेकिन सोनिया गांधी ने इसमें किसी भी तरह की कटौती या बदलाव से इनकार कर दिया। अब दूसरे बड़े प्रकाशक इस किताब के भारतीय संस्करण के अधिकार हासिल करने की कोशिश में हैं।

हार्पर कॉलिंस से समझौते की चर्चा
एक रिपोर्ट के अनुसार, पेंगुइन के पीछे हटने के बाद कई प्रमुख प्रकाशकों की नजर इस किताब पर है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हार्पर कॉलिंस भारत में इसके प्रकाशन का समझौता लगभग अंतिम रूप देने की स्थिति में है।

भारत को छोड़कर दुनिया के अन्य देशों में किताब 10 नवंबर को रिलीज होगी। इसके प्रकाशन की घोषणा सबसे पहले अमेरिकी प्रकाशक अल्फ्रेड ए. नोपफ ने की थी, जो पेंगुइन रैंडम हाउस का ही एक डिवीजन है। नोपफ के मुताबिक, किताब की पहली खेप में करीब एक लाख प्रतियां प्रकाशित की जाएंगी।

छह दशक की निजी और राजनीतिक कहानी
सोनिया गांधी के करीबियों के अनुसार, यह उनकी अब तक की सबसे निजी और प्रामाणिक किताबों में से एक है। इसमें 1965 में कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से पहली मुलाकात से लेकर नेहरू-गांधी परिवार का हिस्सा बनने तक की कहानी शामिल है। किताब में संजय गांधी की मृत्यु और इंदिरा गांधी तथा राजीव गांधी की हत्या के दौरान झेले व्यक्तिगत दर्द का भी जिक्र है।


  • इसके अलावा 2004 में कांग्रेस को जनादेश मिलने के बावजूद प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करने के फैसले के पीछे की परिस्थितियों पर भी सोनिया गांधी ने बात की है।

    सोनिया गांधी ने किताब को लेकर कहा कि उनके परिवार पर काफी कुछ लिखा गया है, लेकिन बहुत कम लेखन ऐसा है जो उनकी भावनाओं, फैसलों और मानवीय कमजोरियों की वास्तविक तस्वीर पेश करता है। उनके मुताबिक, यह किताब पिछले छह दशकों में हुए सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को भी एक अलग नजरिए से देखने का मौका देगी।

    पेंगुइन पहले भी रहा है विवादों में
    पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का किसी चर्चित किताब से पीछे हटना पहली बार नहीं है। इसी साल प्रकाशक ने पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब ‘Four Stars of Destiny’ को प्रकाशित करने से इनकार किए जाने की बात कही थी, जबकि राहुल गांधी संसद में इसकी हार्ड कॉपी दिखा चुके थे।

    इसके अलावा जून में पेंगुइन ने ग्राफिक उपन्यासकार जो सैको की मुजफ्फरनगर दंगों पर आधारित किताब ‘The Once and Future Riot’ का प्रकाशन भी रद्द कर दिया था। इसके पीछे कानूनी जांच और नक्शे में सीमाओं से जुड़े मुद्दों का हवाला दिया गया था।

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