img-fluid

कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र ने दिया इस्तीफा, बोले- पार्टी को शर्मिंदगी से बचाने के लिए हट रहा हूं

August 28, 2026

नई दिल्ली। कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र (Karnataka Minister B. Nagendra) ने महार्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में मंत्रिमंडल से इस्तीफे का एलान कर दिया। उन पर लंबे समय से पद छोड़ने का दबाव था। भाजपा लगातार उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग कर रही थी। नागेंद्र ने कहा कि उन्होंने स्वेच्छा से पद छोड़ने का फैसला किया है, ताकि दल को शर्मिंदगी का सामना न करना पड़े। उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा और खुद को उसकी ‘मनुवादी राजनीति’ का शिकार बताया।

यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि जिस निगम में कथित गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, वह अनुसूचित जनजातियों के विकास से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, निगम के धन को अलग-अलग खातों में भेजे जाने के आरोपों की जांच हुई है। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होना बाकी है।


  • नागेंद्र ने क्या-क्या कहा?
    नागेंद्र ने कहा कि वह भाजपा की ओर से दी जा रही ‘झूठी धमकियों’ से नहीं डरते और मुख्यमंत्री से मिलने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर बात करेंगे। नागेंद्र ने कहा, ‘मैं भाजपा की झूठी धमकियों से नहीं डरूंगा। मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। मैं मुख्यमंत्री से मिलने जा रहा हूं। मेरी वजह से पार्टी को शर्मिंदा नहीं होना चाहिए। मैं मुख्यमंत्री के साथ इस मामले पर विस्तार से चर्चा करूंगा।’

    क्या है पूरा मामला?
    महार्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम का विवाद मई 2024 में सामने आया था। निगम के लेखा अधिकारी पी. चंद्रशेखरन की मृत्यु के बाद मिले एक नोट में धन के अनधिकृत हस्तांतरण का आरोप लगाया गया था। इसके बाद जांच शुरू हुई। जांच में निगम के बैंक खाते से बड़ी रकम अलग-अलग खातों में भेजे जाने के आरोप सामने आए। उपलब्ध जांच संबंधी जानकारी के अनुसार, करीब 89.63 करोड़ रुपये के कथित अवैध हस्तांतरण की बात कही गई। कुछ रिपोर्टों में कुल कथित धन हेरफेर करीब 187 करोड़ रुपये बताया गया है। ये आरोप जांच एजेंसियों के हैं और इन पर अंतिम न्यायिक फैसला नहीं हुआ है।

    पहले भी दे चुके हैं इस्तीफा
    जब यह विवाद 2024 में सामने आया था, उस समय बी नागेंद्र जनजातीय कल्याण विभाग संभाल रहे थे। बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच उन्होंने जून 2024 में मंत्री पद छोड़ दिया था। बाद में उन्हें तीन अगस्त 2026 को फिर मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। इसके बाद भाजपा ने एक बार फिर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उन्हें हटाने की मांग तेज कर दी।

    विधानसभा से सड़क तक चला विरोध
    पिछले दिनों भाजपा ने इस मुद्दे पर कर्नाटक में लगातार प्रदर्शन किए। बेंगलुरु में विधान सौध तक मार्च निकाला गया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नागेंद्र को हटाने की मांग की। विपक्ष के विरोध का असर विधानसभा की कार्यवाही पर भी पड़ा। विधानसभा और विधान परिषद में हंगामा हुआ। 24 अगस्त को विधानसभा का सत्र तय समय से तीन दिन पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

    Share:

  • लैंडिंग के दौरान फट गया विमान का टायर, दिल्ली से आते समय हुआ हादसा, यात्रियों में मचा हड़कंप

    Fri Aug 28 , 2026
    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर एयरपोर्ट (Bilaspur Airport) पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के मुताबिक दिल्ली-बिलासपुर अलायंस एयर की एक फ्लाइट छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग कर रही थी। इसी दौरान अचानक विमान का टायर फट गया। जानकारी के मुताबिक इस फ्लाइट में 37 यात्री और 4 क्रू मेंबर सवार थे। वहीं […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved