
एयरपोर्ट की ओर से एक टनल बोरिंग मशीन शुरू करेगी रुट का निर्माण
मेट्रो कॉर्पोरेशन ने साढ़े 3 किलोमीटर के एलिवेटेड से अंडरग्राउंड किए रूट के लिए बुलवाए 1191 करोड़ रुपए के टेंडर
इंदौर। अभी गांधी नगर (Gandhi Nagar) से रोबोट चौराहा (रोबोट चौराहा) होते हुए खजराना (Khajrana) तक मेट्रो (Metro) के एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated Corridor) का काम चल रहा है। अब संशोधित प्लान के चलते खजराना से बंगाली, पलासिया होते हुए एमजी रोड तक का जो हिस्सा एलिवेटेड के बजाय अंडरग्राउंड किया है उसकी तैयारी भी मेट्रो कॉर्पोरेशन ने शुरू कर दी है। इस हिस्से के लिए 1191.20 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है और इस पूरे कार्य की समयसीमा 1274 दिन, यानी 182 हफ्ते तय की गई है। यानी साढ़े 3 साल का समय इस हिस्से को अंडरग्राउंड करने में लगेगा। दूसरी तरफ एयरपोर्ट से अंडरग्राउंड रूट का निर्माण भी सितम्बर के पहले हफ्ते से शुरू हो जाएगा और एक टनल बोरिंग मशीन इसके लिए तैयार की जा चुकी है।
इंदौर मेट्रो का प्रोजेक्ट साढ़े 32 किलोमीटर का मंजूर हुआ है, जिसमें गांधी नगर से लेकर सुपर कॉरिडोर, एमआर-10, विजय नगर, रेडिसन, रोबोट और खजराना चौराहा तक का हिस्सा लगभग 20-21 किलोमीटर का है। उसके बाद 11 से 12 किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड रहेगा, जो कि खजराना से शुरू होकर पलासिया, एमजी रोड, रीगल, राजबाड़ा, बड़ा गणपति, रामचंद्र नगर से होते हुए एयरपोर्ट तक पहुंचेगा। पहले रोबोट से खजराना और पलासिया होते हुए एमजी रोड तक का हिस्सा भी एलिवेटेड ही रखा गया था, मगर बाद में जनप्रतिनिधियों की आपत्ति के चलते मुख्यमंत्री ने इस हिस्से को भी अंडरग्राउंड करने की सहमति दे दी। हालांकि रोबोट से एमजी रोड तक का एलिवेटेड कॉरिडोर का साढ़े 5 किलोमीटर का ठेका 543 करोड़ रुपए में यूआरसी कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया। मगर अब रोबोट से सिर्फ खजराना तक के 2 किलोमीटर के हिस्से को ही एलिवेटेड उक्त कम्पनी बनाएगी और उसके बाद अंडरग्राउंड रूट का ठेका लेने वाली कम्पनी खजराना से आगे काम शुरू करेगी, जिसके चलते बंगाली और पलासिया चौराहा पर दो नए मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन भी बनाए जाएंगे। अभी मेट्रो कॉर्पोरेशन ने खजराना से एमजी रोड तक का जो अंडरग्राउंड रूट बनाया है, उसके लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें इस लगभग साढ़े 3 किलोमीटर के हिस्से की अनुमानित लागत 1191.20 करोड़ रुपए आंकी गई है। एलिवेटेड से अंडरग्राउंड रूट करने के चलते 700 से 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आर्थिक भार भी इस प्रोजेक्ट पर पड़ रहा है, क्योंकि पहले इसी हिस्से के लिए एलिवेटेड रूट का 543 करोड़ का ठेका मंजूर किया गया था और अब रूट परिवर्तन के बाद 1100 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के टेंडर बुलाए गए हैं। दूसरी तरफ एयरपोर्ट की ओर से अंडरग्राउंड रूट निर्माण की तैयारी भी अंतिम चरण में है। थाईलैंड से पिछले दिनों जो टनल बोरिंग मशीन अलग-अलग हिस्सों में लाई गई उसकी असेम्बलिंग का काम भी पूरा हो गया है और अब सितम्बर के पहले हफ्ते से अंडरग्राउंड रूट निर्माण का भी श्रीगणेश हो जाएगा।
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