
जबलपुर। टेलीकॉम फैक्ट्री के रानीताल गेट नंबर 2 के पास रविवार को एक जर्जर दीवार और शेड ढहने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें जयपुर की ए एस स्टील कंपनी के अधीन स्क्रैप डिस्मेंटलिंग का काम कर रहे दो मजदूरों, अकबर और नसीम की मलबे में दबकर मौके पर ही जान चली गई। पिछले 15 दिनों से चल रहे इस कार्य के दौरान साथी मजदूर कयामुद्दीन की मौजूदगी में यह भारी ढांचा अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिससे कुछ अन्य श्रमिक भी घायल हुए हैं।
सूचना मिलने पर पुलिस दल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को मलबे से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा, जबकि फैक्ट्री प्रबंधन ने दुर्घटना के तुरंत बाद मुख्य द्वार पर ताला लगाकर आवाजाही रोक दी।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार्यस्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। वर्षों पुरानी ईंटों से बनी यह संरचना लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी थी। जैसे ही कटर मशीनों से लोहे के भारी हिस्से अलग करने की प्रक्रिया शुरू हुई, जर्जर ढांचे में तीव्र कंपन पैदा हुआ। चंद पलों में ही भारी भरकम मलबा नीचे कार्यरत लोगों पर आ गिरा। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास मौजूद अन्य कर्मचारियों ने दौड़कर मलबा हटाने की कोशिश की, मगर भारी पत्थरों और लोहे के एंगल के नीचे दबे दोनों व्यक्तियों को सांस लेने तक का अवसर नहीं मिल सका। घायल कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर शुरू हुई गहन जांच
हादसे की खबर फैलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक पड़ताल में ठेका फर्म द्वारा साइट पर जोखिम प्रबंधन के नियमों की खुली अवहेलना सामने आई है। श्रम विभाग के अधिकारियों को भी तकनीकी मुआयने के लिए बुलाया गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इतने संवेदनशील कार्य के दौरान श्रमिकों को बुनियादी सुरक्षा उपकरण क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए थे। जिम्मेदारों के खिलाफ वैधानिक धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
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