बडगाम। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों (Terrorists) के बीच हुई मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया है। यह मुठभेड़ यूसमर्ग के ऊपरी जंगलों में अशदार गली इलाके में हुई। ऑपरेशन के बाद मौके से एक AK-47 राइफल और युद्धक सामग्री बरामद की गई है।
सुरक्षाबलों को इलाके में कम से कम एक और आतंकी के छिपे होने की आशंका है। इसके चलते आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान जारी है। अब तक किसी सुरक्षाकर्मी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
खुफिया इनपुट पर शुरू हुआ था ऑपरेशन
सेना की चिनार कोर के मुताबिक, खुफिया जानकारी मिलने के बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने यूसमर्ग के ऊपरी जंगलों में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था।
अभियान के दौरान जवानों को संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी। सुरक्षाबलों ने जब संदिग्धों को रुकने की चेतावनी दी तो दूसरी तरफ से अचानक गोलीबारी शुरू कर दी गई। इसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।
पहली गोलीबारी 3 सितंबर की देर शाम हुई। ऊंचाई वाले इलाके में गश्त कर रहे 10 पैरा कमांडो के जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी थी। आतंकियों की ओर से फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला।
अंधेरे में रोका गया ऑपरेशन, सुबह फिर शुरू हुई कार्रवाई
रात के दौरान खराब रोशनी और पहाड़ी परिस्थितियों को देखते हुए ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इस दौरान आतंकियों के भाग निकलने की संभावना को खत्म करने के लिए इलाके की घेराबंदी मजबूत की गई।
53 राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप और CRPF की अतिरिक्त टुकड़ियों को भी मौके पर भेजा गया। सुबह होते ही सुरक्षाबलों ने दोबारा तलाशी और ऑपरेशन शुरू किया। इसी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया।
यूसमर्ग के जंगलों में ऑपरेशन क्यों चुनौतीपूर्ण?
करीब 2,400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यूसमर्ग पीर पंजाल पर्वतमाला का पहाड़ी इलाका है। घने चीड़ और देवदार के जंगल, खड़ी ढलानें, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और सीमित आवाजाही वाले क्षेत्र सुरक्षाबलों के अभियान को मुश्किल बनाते हैं।
ऐसे इलाकों में कम दृश्यता के कारण आतंकियों के छिपने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही, ऊंचाई से घात लगाकर हमला करने का खतरा भी रहता है। यही वजह है कि सुरक्षाबल इलाके की घेराबंदी करते हुए बेहद सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं।
कनाचक सेक्टर में पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार
इसी बीच जम्मू के कनाचक सेक्टर में BSF ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में दाखिल हुए एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार सुबह हुई।
BSF की 44वीं बटालियन के जवान BOP सोहन के पास तैनात थे। इसी दौरान उन्होंने एक व्यक्ति को भारतीय सीमा में प्रवेश करते देखा और उसे पकड़ लिया। उसकी पहचान नजीर के तौर पर हुई है, जो पाकिस्तान के सियालकोट जिले के लूनी गांव का रहने वाला बताया गया है।
फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसने सीमा गलती से पार की या जानबूझकर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुआ। उसके संभावित मकसद और किसी संदिग्ध गतिविधि से संबंध की भी जांच की जा रही है।
जम्मू बॉर्डर पर पहले भी पकड़े गए घुसपैठिए
जम्मू सीमा पर इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। पिछले कुछ समय में BSF ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश करने वाले कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।
25 मार्च को रामगढ़ सेक्टर में एक बुजुर्ग पाकिस्तानी नागरिक को पकड़ा गया था। पूछताछ में उसके गलती से भारतीय सीमा में आने की बात सामने आई थी।
वहीं, गणतंत्र दिवस से पहले BSF ने 61 वर्षीय मोहम्मद आरिफ को उस समय मार गिराया था, जब वह चेतावनी के बावजूद भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहा था। अरनिया और रामगढ़ सेक्टर में भी घुसपैठ की कोशिशों को सुरक्षाबलों ने नाकाम किया है।
फिलहाल बडगाम के यूसमर्ग इलाके में ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबलों की नजर उस संभावित दूसरे आतंकी की तलाश पर है, जिसके जंगल में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।
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