
नई दिल्ली ।महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ (Pimpri-Chinchwad) और पुणे (Pune) के कई इलाकों में सोमवार को बिजली आपूर्ति (Power Supply) बाधित होने से लाखों उपभोक्ताओं (Consumers) को परेशानी का सामना करना पड़ा। चिंचवड़ स्थित 220 केवी सब स्टेशन (220 KV Substation) में धमाके के बाद आग लग गई। घटना के बाद विद्युत व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा और करीब तीन लाख से अधिक उपभोक्ताओं के घरों और प्रतिष्ठानों में बिजली गुल (Power Outage) हो गई।
जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजकर 25 मिनट पर चिंचवड़ के विद्युत सब स्टेशन में तकनीकी खराबी के बाद धमाका हुआ। इसके तुरंत बाद स्टेशन परिसर में आग लग गई। तेज वोल्टेज वाली विद्युत व्यवस्था से जुड़े उपकरणों में खराबी आने के कारण आसपास के कई फीडरों से बिजली आपूर्ति रोकनी पड़ी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित हिस्से को अलग किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने आग को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। आग पर काबू पाने के बाद विद्युत विभाग की तकनीकी टीम ने क्षतिग्रस्त उपकरणों का निरीक्षण किया और आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की। शुरुआती घटनाक्रम में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं सामने आई।
बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में देखा गया। चिंचवड़, निगड़ी, यमुनानगर, बिजलीनगर, रावेत, मामुर्डी, देहूरोड, ताथवड़े और वाकड समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। भोसरी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली बाधित होने से उत्पादन और व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ा।
पुणे शहर के कुछ हिस्से भी इस बिजली संकट की चपेट में आए। शिवाजीनगर, औंध, गणेशखिंड, सेनापति बापट रोड, मॉडल कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वैकल्पिक फीडरों की मदद से आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की गई, जिससे अलग-अलग इलाकों में चरणबद्ध तरीके से बिजली लौटाई गई।
बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा। पिंपरी-चिंचवड़ से स्वारगेट के बीच संचालित मेट्रो सेवा कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। बिजली आपूर्ति में व्यवधान के कारण कुछ ट्रेनें निर्धारित स्थानों पर रुक गईं। वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए संचालन को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
औद्योगिक गतिविधियों पर भी बिजली संकट का प्रभाव पड़ा। चाकण क्षेत्र के कुछ औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण परेशानी हुई। ऐसे क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को सामान्य करने के लिए उपलब्ध वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया गया। घरेलू और आवश्यक सेवाओं वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति देने की कोशिश की गई।
अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की टीम ने क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरणों को अलग करने के साथ नेटवर्क को सुरक्षित बनाने का काम किया। जिन इलाकों में वैकल्पिक आपूर्ति संभव थी, वहां दूसरे फीडरों से बिजली पहुंचाई गई। कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल होने में तकनीकी परिस्थितियों के कारण अधिक समय लगा।
सब स्टेशन में धमाके और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जाएगी। जांच के दौरान उपकरणों की स्थिति, विद्युत भार और सुरक्षा व्यवस्था समेत विभिन्न पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। इसके आधार पर क्षतिग्रस्त व्यवस्था की मरम्मत और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के उपाय तय किए जाएंगे।
पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे जैसे बड़े शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सब स्टेशन पर हुई घटना का असर व्यापक क्षेत्र में दिखाई दिया। बिजली आपूर्ति सामान्य करने के साथ अब प्राथमिकता विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित और स्थिर बनाने की है, ताकि उपभोक्ताओं को दोबारा लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना न करना पड़े।
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